0:00 मेरे प्रिय भाइयों और बहनों हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय के विषय में बात करने वाले हैं। पवित्र आत्मा का बपतिस्मा जो असली है और जो नकली है 0:19 और जैसे मैं उसके विषय में सोच रहा था। मैंने कहा प्रभु कौन पर्याप्त है इस महिमामय विषय पर बात करने के लिए केवल यीशु मसीह है जो पवित्र आत्मा में बपतिस्मा करता है और वह हमें यह सौभाग्य देता है और आदर 0:41 देता है कि हम इस अद्भुत विषय के बारे में बात करें इसलिए मैं उसे बहुत ही नम्रता से इस विषय की ओर जाना चाहता हूं यह पहचानते हुए। मैं सब कुछ नहीं जानता। पर यह प्रभु को इस बात से प्रसन्नता हुई कि उसने मुझे पवित्र आत्मा से भरा। उसका 1:01 सबूत मैंने अपने जीवन में और अपने सेवकाई में देखा। और मेरी यह लालसा है। मैं ईमानदारी से यह कह सकता हूं। मेरी यह लालसा है कि हर कोई परमेश्वर के बच्चों में से हर कोई पवित्र आत्मा से भर जाए। आप में से हर एक मेरे प्रिय भाइयों और बहनों 1:19 उसने मेरे जीवन को पूरी तरीके से बदल दिया और मैं इसको बढ़ा चढ़ाकर नहीं कह रहा। एक आम मसीह होने से एक ऐसा मसीह जो पवित्र आत्मा से भरा था। उसने मेरे जीवन को बदल दिया। मेरे सेवकाई को बदल दिया। जब परमेश्वर मुझसे मिला 46 वर्षों पहले 1:39 मैं उसके पहले 16 वर्षों तक मसीह था। नया जन्म हो गया था। बाइबल को पढ़ता था। मैं बाइबल को बहुत अच्छे से जान गया था और मैं प्रचार कर रहा था। मैं पूर्ण कालीन मसीही सेवकाई में था। पर मैं हारा हुआ था। 1:56 निराशा गुस्सा, मेरे विचारों का जीवन, मेरे मकसद और आप जानते हो पुराने नियम में पुरानी वाचा में वे केवल आपके बाहरी जीवन को साफ कर सकते थे। हत्या ना करना, व्यभचार ना करना, चोरी ना 2:14 करना पर यीशु मसीह आया हमारे अंदर कुछ करने के लिए और वो हमारे अंदर कुछ भी नहीं कर सकता आपके अंदर या मेरे अंदर जब तक पवित्र आत्मा के सामर्थ के बिना मैं जानता हूं कि बहुत सारे मनुष्य के प्रोग्राम्स हो सकते हैं जो 2:33 मनोवैज्ञान हमें सिखाता है। कई सारे मानवीय प्रोग्राम्स जिससे आपका बर्ताव सुधर जाएगा। आपका आपकी सोच सुधर जाएगी और लोग योग वैराग के कुछ एक्सरसाइज सिखाते हैं जिससे लोग अपने क्रोध पर विजय पाते हैं। पर वो जो बाहरी 2:52 अच्छा होना, भला होना और आत्म संयमित होना और अंदर से एक बदला हुआ हृदय होना इसमें बहुत बड़ा अंतर है। यीशु मसीह केवल हमें अपने बर्ताव में अच्छा बनाने के लिए नहीं आया। वह हमें अंदर से बदलने के लिए आया। जहां हमारे हृदय एक ऐसे अग्नि में उसके लिए भक्ति से 3:11 भरे हुए होते हैं जो अग्नि बुझ नहीं सकते। सबसे पहले परमेश्वर के प्रति भक्ति और एक दूसरे के लिए प्रेम इतना तीव्र होता है कि उस पर कितना भी ठंडा पानी लोग हम पर क्यों ना भेजे फेंके यह पवित्र आत्मा की आग नहीं बुझेगी। यह हमें प्रेम के बाहर नहीं ढकेल 3:27 पाएंगे। क्या आप ऐसा जीवन चाहते हो? यीशु मसीह ने कहा पवित्र आत्मा के विषय में योहना उसके सातव अध्याय में और उसका 37 वचन उस पर्व के अंतिम दिन पर यीशु मसीह वहां खड़ा रहकर चिल्ला रहा था पुकार रहा 3:47 था यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आए और पिए और जो मुझ पर विश्वास करेगा उसके हृदय में से उसके अंदर से बाहर से नहीं बल्कि उसके हृदय में से उसके अंदर से उसके विचारों में मकसदों में रवयों में गहराइयों से जो कोई नहीं देख सकता वहां से 4:05 जीवन के जल की नदियां बहनक लेगी जो कई दिशाओं में बहेगी लोगों को आशीष देने के लिए। यह परमेश्वर की इच्छा है सिर्फ कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि परमेश्वर के बच्चों में से हर एक के लिए पर केवल वो जो प्यासे हैं। इसका मतलब जो अपने 4:25 सूखे और हारे हुए जीवन से तंग आ चुके हैं। मैं अपने सूखे जीवन से तंग आ चुका था। इसलिए मैं प्रभु को खोजने लगा। 47 वर्षों पहले दूसरों के साथ जो अपने सूखे जीवन से तंग आ गए थे और इसलिए अगर आप तृप्त हो संतुष्ट हो अपने मसीह जीवन से परमेश्वर 4:43 सचमुच आपसे नहीं मिलेगा यह पापों की क्षमा जैसा है ऐसा क्यों है कि संसार में कई लोग हैं उनकी कोई इच्छा नहीं है परमेश्वर को अपने पापों के क्षमा के लिए खोजने में क्योंकि वह यह नहीं समझते कि वह कितने बीमार हैं पाप से जब एक व्यक्ति सचमुच यह जान जाता है कि 5:02 उसकी बीमारी कितनी गंभीर है। आपको उसके पीछे नहीं पड़ना पड़ता डॉक्टर के पास जाने के लिए। वह अपने आप जाता है। तुरंत जाता है। और बिल्कुल ऐसे ही हम पापों की क्षमा को खोजते हैं। जब हम समझ जाते हैं कि पाप कैसे हमें बिगाड़ रहा है और हमें एक अनंत 5:15 नर्क की ओर ले जा रहा है। हम भागकर उस उद्धारकर्ता की ओर जाएंगे और कहेंगे प्रभु मुझे क्षमा कर। बिल्कुल वैसे ही जब हम यह समझ जाएंगे कि परमेश्वर ने हमारे लिए इतना कुछ किया है जब मसीह हमारे लिए उस क्रूस पर मरा और हमारे अंदर से एक आभार एक 5:30 धन्यवाद आता है और हम कहते हैं प्रभु मैं कैसे अपने धन्यवाद को व्यक्त करूं तेरे प्रति मेरे अंदर से ऐसे ही वह आया मैंने कहा प्रभु तूने मेरे लिए इतना कुछ किया है मैं कैसे प्रतिक्रिया दूं जैसे हम उस गीत में गाते हैं जैसे हम उसके मुख को देखेंगे हम 5:49 यह चाहेंगे कि मैंने उसे काश ज्यादा दिया होता यह गीत है जो मैं कई बार अपने आप के लिए गाता हूं। जैसे अधिक जब मैं उसके मुख को उसके चेहरे को देखूंगा। मैं यह चाहूंगा काश मैंने उसको अधिक दिया होता और मैं कहता हूं प्रभु बीते हुए वर्षों में ऐसा 6:06 रहा है। पर मैं नहीं चाहता कि भविष्य में ऐसा हो। मैं यह नहीं सोचना चाहता कि काश मैं तुझे ज्यादा देता। मैं तुझे सब कुछ देना चाहता हूं। अब ताकि जब मैं तुझे आमने-सामने देखूंगा। मेरे पास कोई पछतावा नहीं होगा। मेरा विश्वास है आप सब जो 6:19 ईमानदार परमेश्वर के बच्चे हो। आप सचमुच कोई पछतावा नहीं चाहते जब आप प्रभु को आमने सामने मिलोगे। मैं नहीं चाहता कोई पछतावा क्योंकि मेरे पास एक दूसरा मौका नहीं है यह जीवन जीने का। केवल एक ही मौका है यह जीवन जीने का। और मैं यह बहुत स्पष्टता से कहना चाहता 6:36 हूं अगर आप कोई पछतावा नहीं चाहते जब आप प्रभु को आमने सामने मिलोगे जब बहुत ही जो बहुत ही जल्द होने वाला है जब मसीह वापस आएगा तो आपको पवित्र आत्मा से भरना आवश्यक है। अनिवार्य है। हर दिन यह एक ही बार का अनुभव नहीं है। इसकी शुरुआत होती है। एक 6:55 नदी के समान यह है। कहीं ना कहीं वह बहनी शुरू होती है। पर वह बहनी बहते रहनी चाहिए हर दिन। इसी वजह इसी ने प्रेरितों को बहुत अलग बनाया। कोई नई शिक्षा नहीं थी जो उनको पेंटिकस्ट के दिन मिली। हम में से कई जो है हम YouTube पर कई संदेश सुनते हैं और 7:15 आप में से कुछ लोग ने 100वें संदेश सुने होंगे। अच्छी बात है। वह हमें शिक्षा देते हैं। हमारे पास बाइबल इतने अलग-अलग अनुवादों में है। हम देखते हैं कि यह वचन इस अनुवाद में क्या है? उस अनुवाद में क्या है? पर यह सब कुछ जो है यह कुछ नहीं है। इसकी 7:31 तुलना में पवित्र आत्मा से भरने में अगर आप सचमुच प्रभु को प्रसन्न करना चाहते हो तो यह पर्याप्त नहीं है बाइबल को जानना। 100-100 संदेश सुनना पर्याप्त नहीं है। यह सब अच्छा तो है पर आपको पवित्र आत्मा से भरना आवश्यक है। और जब तक आप देखते हो कि 7:46 आपकी कितनी बड़ी आवश्यकता है तो आप उसके लिए प्यास नहीं रखोगे। मैं सोचता हूं यह कारण क्यों कई कई मसीह पवित्र आत्मा से नहीं भरते क्योंकि वह प्यासे नहीं है। वो बहुत ज्यादा तीव्र तौर पर प्यासे नहीं है। वे सोचते हैं कि हां यह अच्छी बात है। अगर 8:00 मुझे मिल गया तो अच्छी बात है। यह ऐसा है कि आपके पास पर्याप्त है। उदाहरण के तौर पर आप एक अच्छे घर में जी रहे हो। क्या आप बेहतर घर चाहते हो? हां। अगर संभव है तो अच्छा है। जिसमें ज्यादा सुविधा हो तो ठीक है। पर मेरी यह तीव्र इच्छा नहीं है 8:14 क्योंकि मेरा अभी का घर बहुत अच्छा है। बिल्कुल ऐसे ही कई मसीही है। हां, मेरा वर्तमान का जीवन काफी अच्छा है। हां, अगर यह पवित्र आत्मा की भरपूरी मैं पाऊंगा तो अच्छा है। कुछ लोग इसकी बात करते हैं। पर मेरे अंदर तीव्र इच्छा नहीं है। यह इतना 8:29 अर्जेंट नहीं है मेरे लिए कि मैं सब कुछ छोड़कर प्रभु को खोजूं। मैं आपको बताना चाहता हूं। शायद परमेश्वर आप पर दया करके अपने पवित्र आत्मा से भरगा। पर मुझे बड़ा शक है क्योंकि यीशु मसीह सबको आमंत्रित नहीं कर रहा। वह सिर्फ उनको आमंत्रित करता 8:44 है जो प्यासे हैं। यह पापों की क्षमा की तरह है। वह सबको आमंत्रित नहीं करता। वे जो अपने हारे हुए जीवन से तंग आ चुके हैं। जो पापों की क्षमा चाहते हैं। हे सब परिश्रम करने वाले और बोझ से दबे हुए लोगों मेरे पास आओ। ऐसे लोगों को उसने 9:04 आमंत्रित किया। उनके विषय में क्या जो बहुत ही आरामदायक है, जो पीछे बैठे हैं, हम तो ठीक है। वह उनको नहीं आमंत्रित कर रहा। जो परिश्रम करने वाले और बोझ से दबे हुए लोगों मेरे पास आओ। सब जो प्यासे हैं मेरे पास आओ। जो आपके पास है उससे ज्यादा 9:18 के लिए अगर प्यास है तो जो बाइबल पढ़ते हैं और पाते हैं कि प्रेरितों के पास ऐसा कुछ था जो आपके पास नहीं है। और आप दूसरे ईश्वरीय लोगों की गवाही पढ़ते हो या आप गवाही सुनते हो दूसरे ईश्वरीय लोगों की और आप पाते हो उनके जीवन में ऐसा 9:34 कुछ हुआ जिसने उनको बदल दिया जब वह उनके नए जन्म के बाद भी और आप पाते हो कि यह पवित्र आत्मा की भरपरी थी। मेरे साथ ऐसा ही था। मेरे नए जन्म के बाद मैं एक कलीसिया में था जो पवित्र आत्मा के बपतिस्मा के बारे में प्रचार नहीं करता 9:48 था। पर जैसे मैं बाइबल को पढ़ते गया। मैंने पाया कि उसकी आवश्यकता है और मैंने अपने ही जीवन को देखा और मैंने अपने सामर्थ्य की कमी को देखा और अधिकार की कमी को देखा। शैतान के डर को देखा। मैं नहीं जानता था अगर कोई दुष्ट आत्मा ग्रस्त 10:01 व्यक्ति मेरे आमने सामने आ जाता। मैं डरता था सामने जाकर मसीह का प्रचार करने के लिए घोषणा करने के लिए। मैं कहता था प्रभु मैं डरता हूं तेरा गवाह होने के लिए और फिर मैं सुसमाचारों में और प्रेरितों में पढ़ता था। शिष्य बिल्कुल मेरे जैसे थे 10:16 शुरुआत में सिर्फ शुरुआत में ही नहीं सा वर्षों के बाद भी मसी प्रभु के साथ चलने यीशु के साथ चलने में और उससे बात करने के बाद भी हम सोचेंगे उनका जीवन पूरी तरीके से बदल जाएगा उसके बाद और जब प्रभु ने कहा कि पूरे संसार में जाओ वे तैयार होंगे पर 10:33 वे तैयार नहीं थे। हम पढ़ते हैं उन्होंने जब पुनरुत्थान पाए हुए मसीह को देखा तब भी जब आप यहना 20 पढ़ते हो वे एक बंद कमरे में थे और जब प्रभु उनको प्रकट हुआ वे वहां बंद दरवाजा बंद करके बैठे थे डर के वजह से और 10:51 सात दिन बाद फिर एक बार वे बंद कमरे के अंदर बैठे होते हैं। उन्होंने दरवाजे को बंद करके रखा था। वे डर रहे थे बाहर जाने से और फिर यीशु मसीह फिर प्रकट हुआ और यद्यपि उन्होंने यीशु को देखा 40 दिनों तक कभी अभी कभी कबभार पर वे फिर भी बंद दरवाजों के ही पीछे थे 11:11 पर एक दिन जब वे पवित्र आत्मा से भर गए पेंटिकॉस्ट के दिन उन्होंने दरवाजे खोल दिए और कोई उसको उसके बाद बंद ना कर पाया फिर उनको फर्क नहीं पड़ा कि कौन उनके विषय में क्या सोचता है शायद उनको बंदी ग्रह में बंद हो या कहीं भी वे संसार में गए और 11:27 आप जानते हो क्या हुआ वे 12 शिष्य उन्होंने संसार को इस प्रकार बदल दिया कि उसका प्रभाव हम आज 2000 वर्षों बाद भी देख पाते हैं वो क्या था क्या वो 12 शिष्यों को कोई पीएचडी मिली बाइबल के थियोलॉजी में या ऐसा कुछ नहीं परमेश्वर का धन्यवाद हो 11:44 वे कभी बाइबल स्कूल नहीं गए वो वही उनका उद्धार था उन्होंने ज्ञान नहीं प्राप्त किया आपको इतनी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है हम में से कई जो है अगर आपने आपने बाइबल को पढ़ा है तो आपको प्रेरित अधिकतर प्रेरितों से अधिक ज्ञान आपके पास है क्योंकि हमारे 12:01 पास एक लिखा हुआ बाइबल है जो हम हर समय पढ़ सकते हैं अलग-अलग अनुवाद में वो प्रेरितों के पास यह नहीं था पर उनके पास क्या था जो हमारे पास नहीं है पवित्र आत्मा की सामर्थ अद्भुत महान सामर्थ योहन्ना बपतिस्मा जो है वो यीशु मसीह का 12:15 अग्रगामी अग्रदूत है जो यीशु के पहले आया मार्ग तैयार करने के लिए और एक तरीके से हम कह सकते हैं कि पवित्र आत्मा हमारे अंदर यहना बपतिस्मा का काम करता है। मार्ग को तैयार करता है। और जैसे योहन्ना बपतिस्मा योहना एक 29 में उसने यीशु मसीह 12:31 की ओर दिखाया। वहां वह व्यक्ति है प्रभु का मेमना जो इस संसार के पापों को ले लेता है। यहना एक 29 याद रखें यहना बपतिस्मा यु मसीह के लिए मार्ग तैयार करते हुए और सोच कर देखिए योहना बपतिस्मा की सेवकाई 12:50 आपके और मेरे लिए वह सेवकाई तैयार कर रहा है ताकि हम प्रभु को मिले। सबसे पहले वह यीशु की ओर दिखाता है और कहता है यहना एक 29 देखो मतलब ध्यान से देखो वहां वो यीशु वही परमेश्वर का मेमना है जो जगत के पाप को निकाल लेता है आपके पाप को ले 13:08 लेता है और अगर हम ध्यान से देखते हैं और हम में से कईयों ने देखा है और हमने उसको देखा जिसने हमारे पापों को ले लिया उस क्रूस पर और हमने छुटकारा पाया क्या ही फर्क उसने हमारे जीवन में लाया जब मसीह आपके जीवन में आया और पाप का बोझ सोच 13:23 चले गया था और हम कह सकते थे वह मेरे पापों को अब याद नहीं करता। मैं धर्मी ठहराया गया हूं। मैं परमेश्वर के सामने स्वीकार किया गया हूं। मैं डर से नहीं आता कि परमेश्वर मुझे दंड देगा। नहीं उसने मुझे स्वीकार किया है। मैं उसका बेटा हूं। 13:37 मैं उसको पिता कह सकता हूं। वो सब एक क्षण में हो गया। जब हमने देखा उसको उसके ऊपर जिसने हमारे पापों को उठा लिया। जगत के पापों को उठा लिया। यहना बपतिस्मा ने उसको दिखाया था। उसके बाद जो यहना बपतिस्मा ने कहा यह व्यक्ति है देखो यह जो जगत के पाप को 13:56 उठा लेता है यह योहना एक 29 पर उसने एक और बात कही यह वो व्यक्ति भी है 33 वचन जो पवित्र आत्मा में बपतिस्मा देता है दो बातें उसने यीशु की ओर कही यीशु के बारे में वहां वो व्यक्ति है जो जगत के पापों को लेता है और वहां एक व्यक्ति है 14:12 जो पवित्र आत्मा से बपतिस्मा देता है वो कहता है मेरे पास नहीं आओ मैं आपके पापों को क्षमा नहीं कर सकता यूनान्ना बपतिस्मा कहता मैं भी यही कहता हूं मेरे पास मत आओ पापों की क्षमा के लिए मैं नहीं आपको पापों की क्षमा करता हूं उसके पास जाओ वो 14:24 क्षमा करेगा और यना बपतिस्मा कहता है मेरे पास मत आओ पवित्र आत्मा से बपतिस्मा के लिए मैं पानी में बपतिस्मा दे सकता हूं पर वो पवित्र आत्मा से बपतिस्मा देता है मैं वही बात कहता हूं लोगों को जो कहता है मेरे ऊपर आकर प्रभु भाईजैक के आप हाथ 14:37 रखोगे नहीं मैं बपतिस्मा पानी में दे सकता हूं वह स्वर्गीय पवित्र आत्मा से बपतिस्मा देता है यीशु उसके पास जाइए मैं परमेश्वर का धन्यवाद देता हूं मैं उसके पास गया। कोई मनुष्य मुझे पवित्र आत्मा में बपतिस्मा ना दे पाया। हजार ईश्वरीय लोग भी 14:54 अगर मेरे सिर पर हाथ रखते तो मैं पवित्र आत्मा में बपतिस्मा नहीं पाता। वो यीशु है। एक दिन आया मेरे जीवन में जब यीशु मसीह ने अपने छिलों से कीलों से छिदे हुए हाथ मेरे सिर पर रखे और मैं पवित्र आत्मा से भर गया। उससे मांगे कि वो आप करें। अगर 15:07 आपके अंदर यह प्यास है, लालसा है क्योंकि आप पाते हो कि आप हारे हुए हो पाप से। और क्या हुआ? यह लोगों ने 3 वर्ष उसके बाद बिताए यीशु मसीह को सुनते हुए इन शिष्यों ने और उसके बावजूद वे तैयार नहीं थे। उनके पास इतनी 15:23 जानकारी थी। सारे सत्य जो चार सुसमाचारों में है अद्भुत सत्य सोच कर देखिए मति पांच छ और सात में सोचिए योहना 14 15 16 17 अध्याय वो जो अध्याय थे क्या ही अद्भुत सत्य थे 15:42 जो दृष्टांत थे लुका 15 में उन्होंने यह सारे सत्य सुने पर वे तैयार नहीं थे क्या उनके अंदर इच्छा थी हां क्या उनके अंदर त्याग की आत्मा थी हां उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी थी। अपने पृथ्वी की नौकरी उन्होंने त्याग दी थी यीशु के पीछे चलने के लिए और सुसमाचार की 15:59 घोषणा करने के लिए। पर वे तैयार नहीं थे। आप बाइबल को जान सकते हो। आप के पाप क्षमा हो सकते हैं। शायद आपके अंदर बहुत इच्छा है सुसमाचार के प्रचार करने को। शायद आपने अपनी नौकरी त्याग दी है। प्रभु की सेवकाई करने के लिए। पर आप तैयार नहीं हो। एक और चीज थी 16:18 जिनकी उनको आवश्यकता थी। वह जो बहुत महत्वपूर्ण थी। वे उनकी बड़ी इच्छा थी जाकर प्रचार करने की। पर यीशु ने कहा नहीं नहीं नहीं इंतजार करो। आपके अंदर इच्छा है और उत्साह है। पर आप नहीं जानते कि आपके अंदर सामर्थ नहीं है। आप बाहर जाओगे आप डर 16:35 में पीछे आओगे। कुछ समय बाद कुछ ना कुछ होगा और आप छोड़ दोगे हार मानोगे। पर अगर आप पवित्र आत्मा से भर दोगे भर जाओगे तो आप कुछ नहीं रुकेगा। आपको रोकेगा। आपके मृत्यु तक आप मेरी सेवकाई करोगे। और इसलिए प्रभु ने कहा प्रेरितों एक आठ में इंतजार 16:49 करो। इंतजार करो। और पवित्र आत्मा की सामर्थ तुम पाओगे जब वह तुम पर आएगा और तब यह नहीं कि तुम्हें जाकर मेरे लिए गवाही देनी है। नहीं तुम 17:06 वह तुम्हें चलाएगा। पवित्र आत्मा तुम्हें विवश करेगा कि तुम मेरे गवाह बनो। यह एक अंदर से आने वाला दबाव होता है जो पवित्र आत्मा द्वारा आता है। क्या आपने उसका अनुभव किया है? वह परमेश्वर की इच्छा है। अंदर से दबाव एक बोझ कि त्याग करना सब कुछ छोड़ देना यीशु 17:25 के लिए सब इस संसार से जो हम जुड़े हुए हैं उसको त्यागना पर सुसमाचार का प्रचार करना हर एक को जिससे संभव है ताकि आप मसीह को मसीह के पास लोगों को लाए ईश्वरीय जीवन में लोगों को लाए आप सामर्थ पाओगे मेरे गवाह होने के लिए 17:43 और वह केवल आपके शब्दों से नहीं होगा यहां यह नहीं लिखा कि तुम्हारे पास मेरी गवाही देने की सामर्थ होगी नहीं तुम्हारे पास बस मेरे गवाह होने के सामर्थ हो गए। गवाह होना मतलब अपने जीवन के द्वारा पहले और फिर अपने शब्दों के द्वारा। और इसलिए 17:56 उन्होंने इंतजार किया। वे नहीं जानता था। जानते थे कब पवित्र आत्मा उन पर आएगा। उन्होंने इंतजार किया इंतजार किया और यहां लिखा है पेंटिकॉस्ट के दिन अचानक प्रेरितों दो एक आवाज हुई। ऐसा नहीं लिखा है कि आंधी हुई। एक आंधी की 18:13 सी आवाज हुई। एक आंधी समान और उससे सारा घर भर गया और जो पहले बात हुई इसको ध्यान से सुने अन्य भाषा में बात करना नहीं अगर आप बाइबल को ध्यान से पढ़ेंगे आप देखोगे कि उन्होंने पहले अन्य भाषा में बात नहीं की। यह बहुत-बहुत जरूरी है देखना 18:33 और मैंने बहुत ही कम किसी प्रचार को देखा है। पर मैं हर बार इसको दिखाता हूं। पवित्र आत्मा आया और आग जीभ तीसरा वचन उनमें से हर एक पर आ ठहरी। एक आंख किसी की सीभ उनके सिरों पर उन 120 18:56 लोगों पर प्रभु मानो यह कह रहा था आपके शरीर का एक हिस्सा है अब से जिसको मैं आज अग्नि पर लगाने वाला हूं। प्राथमिक तौर पर वो है आपकी जुबान। आपकी जीभ। आपके हाथ नहीं, आपके पैर, आपके आंख नहीं, आपकी जीभ। 19:16 आप मेरे गवाह होने वाले हो और आपकी जीभ आग पर लगाई जाएगी पवित्र आत्मा द्वारा ताकि सिर्फ आप प्रचार करते हो तब नहीं बल्कि हर समय आपकी बातचीत पवित्र आत्मा द्वारा नियंत्रित होगी। और हम वही इंतजार करते 19:33 हैं आगे कुछ भी बढ़ने से पहले और अपने आप से प्रश्न करें क्या आप यह चाहते हो क्या आप चाहते हो कि आपकी जीभ जो है वह पवित्र आत्मा के अग्नि के नियंत्रण में हो जो सब कुछ शुद्ध करे जो अशुद्ध है और झूठा है और प्रेम ना करने वाला है आपके 19:52 बातचीत में हर दिन 24 घंटे दिन के क्या आप यह चाहते हो मैं नहीं जानता। कई लोग पवित्र आत्मा के बपतिस्मा चाहेंगे। अभिषेक चाहेंगे प्रचार करने के लिए परमेश्वर का वचन का। आप किसी अभिषिक्त सेवक को सुनते हो। हां मैं उसके 20:12 जैसे प्रचार करना चाहता हूं। मैं पवित्र आत्मा का अभिषेक चाहता हूं। उसकी तरह प्रचार करने के लिए रुकिए रुकिए। आप आपके पड़ोसियों से मित्रों से और ऑफिस से बात करते हो और आपके पत्नी से आपके बच्चों से बात करते हो। उसके विषय में क्या कि आप 20:24 चाहते हो तब आपका जीभ पवित्र आत्मा से नियंत्रित हो। मैं आपको अपनी गवाही देना चाहता हूं। मैं हारा हुआ था अपने जबान से अपने आम जीवन में गुस्सा निराशा निराशा के शब्द दूसरा इत्यादि और मेरी पहली प्रार्थना यह नहीं था मैं 20:44 अन्य भाषा में नहीं बात करना चाहता हूं मैंने कभी यह नहीं मांगा पर मैंने कहा प्रभु मैं चाहता हूं मेरी जो मातृभाषा है यह जीव पवित्र आत्मा द्वारा नियंत्रित हो मेरे आम बातचीत वही मैं प्रेरितों दो तीन में देखता हूं अग्नि की सी जीव 21:02 आपकी मातृभाषा पवित्र आत्मा द्वारा नियंत्रित होगी और मैंने कहा प्रभु मेरे आम बातचीत में मैं चाहता हूं कि मैं पवित्र आत्मा द्वारा नियंत्रित हूं और उसी बात ने मुझे प्रभु की ओर ले गया। मैं हारा हुआ हूं। मेरे हृदय में निराशा 21:20 और एक अनियंत्रित जीव क्रोध इत्या इत्यादि मेरे जुबान में मैं चाहता हूं कि यह पवित्र आत्मा के नियंत्रण के अंदर आ जाए और वही मैं प्रेरितों दो अध्याय के तीसरे वचन में देखता हूं क्या आप यह चाहते हो आपके जीवन में अगर हां तो प्रभु को खोजे 21:38 उसकी प्यास रखिए कहिए प्रभु मैं नहीं चाहता कभी भी कि मैं ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करूं जो आपको अनादर लाते हो। देखिए यह वचन उदाहरण के तौर पर इस वचन को एक चुनौती के तौर पर लिए। मैंने यह किया है। कुलसियों की पत्री उसका चौथा अध्याय कुलसियों की पत्री 22:03 चौथा अध्याय और उसका छठा वचन तुम्हारा वचन सदा दिन के 24 घंटे हफ्ते के सात दिन सदा का 22:21 यही मतलब है तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित हो आप जानते हो कि ऐसा नहीं है। ऐसा नहीं है। हम में से सबके साथ ऐसे ही हमारी शुरुआत होती है। वह अनुग्रह से नहीं होता। हम असभ्य तौर पर बात करते हैं, गुस्से से बात करते हैं। रुडली बात करते 22:41 हैं और कभी-कभी कड़वाहट के साथ बात करते हैं और किसी पर किसी के द्वेष है और जलन है, ईर्ष्या है, झगड़ा है। सब कुछ हमारे जुबान से बाहर प्रकट होता है। और यहां प्रभु हमारे सामने एक मापदंड रख रहा है। एक आदर्श रख रहा है। यीशु मसीह ने कहा अगर मुझसे प्रेम करते हो 22:59 तो मेरी आज्ञाएं मानो। तुम्हारे वचन सदा अनुग्रह सहित हो। कभी-कभी ज्यादातर समय नहीं अगर आप ज्यादातर समय चाहते हो भूल जाइए। यह आपके लिए नहीं है। पर अगर आप चाहते हो आपका वचन सदा अनुग्रह सहित हो 23:16 ताकि आप यह जानोगे कि हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना कैसे होता है। जो आपसे मिलते हैं या आपसे जो बात करते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता। वह आपसे गुस्से से बात करें या अच्छे से बात करें। आप जानोगे कैसा उचित रीति से उत्तर देना है उस 23:31 व्यक्ति को। यही मतलब है नमक होना सलोना होना आपका वचन सलोना होना नमक जो स्वाद लाता है भोजन में एक अच्छा स्वाद जो लाता है हमारे बातचीत में आपको सिर्फ यह एक वचन लेना है वो आपको विवश करेगा कि आप पवित्र 23:49 आत्मा की सामर्थ को खोजो वो अग्नि की जीभ आपके ऊपर हो और मैं जानता हूं मैं इसके लिए परमेश्वर को खोजने लगा और उसी ने मुझे विवश किया और प्रभु मुझसे मिला और मैं उसके के लिए बहुत आभारी हूं। और यहां लिखा है 24:07 उसके बाद उनको अन्य भाषा की भी वरदान मिला। जैसे परमेश्वर उन्हें देने लगा। यह दान परमेश्वर सबको नहीं देता। यह बहुत स्पष्ट है। पहला कोंथियों उसके 12व अध्याय में क्या सब भविष्यवक्ता है। क्या सब प्रेरित है? पहले कुरिंथियों 12 के अंत 24:21 में हम देखते क्या सब अन्य भाषा में बात करते? नहीं। बहुत स्पष्ट है। सब प्रेरित नहीं है। सब भविष्य वक्ता नहीं है। आप पहले क्व्थियों 12 के अंत में पढ़ सकते हो। यहां लिखा है सब अन्य भाषा में बात नहीं करते और यह ना सोें कि पवित्र आत्मा 24:34 से भरना आपको प्रेरित बनाएगा या भविष्यत वक्ता बनेगा या शिक्षक बनेगा या अन्य भाषा में बात करवाएगा पर हां यह आपको आग की जीभ देगा आपके मातृभाषा पर नियंत्रण लाएगा और वह आपको हियाव देगा हिम्मत देगा धाडस देगा मसीह के लिए गवाह होने के लिए आप सामर्थ 24:49 पाओगे और यह नहीं कि आपको गवाह बनना होना पड़ेगा यह नहीं लिखा है प्रेरितों एक आठ आप सामर्थ पाने के बाद आपको मुझे गवाह बनना है। कई प्रचारक कहते हैं लोगों को आपको मसीह के लिए गवाह होना है। आपको मसीह के लिए गवाह होना है। हां हम लोगों को कहते 25:06 हैं आपको गवाह होना है आपके ऑफिस में मसीह के लिए। आपके ऑफिस में आपके स्कूल में आपके कॉलेज में पर मसीह ने यह नहीं कहा। यीशु ने यह नहीं कहा। उसने कभी नहीं कहा कि आपको मुझे गवाह बनना है। मैं यह कभी नहीं देखता। कहीं भी नहीं देखता। क्या आप 25:21 जानते हो क्या अंतर है? आपको यह बनना है और आप यह बनोगे। विशेषकर जब यीशु कहता है आपको बनना है का मतलब हां प्रभु मेरे ऊपर एक ऑब्ल ऑब्लिगेशन है औपचारिकता है कि मैं कोशिश करूंगा आपकी गवाह बनने की ऐसे ही मैं सोचता था जब तक परमेश्वर ने मुझे 25:35 पवित्र आत्मा से भरा और फिर मैं उसका गवाह बन गया आपको एक नदी को धकेलना नहीं पड़ता आपको एक नदी को धकेलना नहीं पड़ता आइए भय मुझे याद है मेरे शुरुआती दिनों में मेरे जीवन के जब मैं एक गवाह होने की कोशिश कर रहा था मसीह का प्रचार करने का कोशिश कर 25:50 रहा था इन हैंडपंप के समान में था भारत के गांव में जहां वहां कोई नल में पानी नहीं आता। हमारे पास हैंडपंप होते हैं। कुछ रास्तों पर, सड़कों पर एक हैंडपंप होता है और वो सारी स्त्रियां जो है उस गांव की वो अपने बाल्टियों के साथ आते हैं और उस 26:06 हैंडपंप को पंप करना पड़ता है। पंप करना पड़ता है। तब थोड़ा-थोड़ा पानी आता है। मेरा मसीह जीवन ऐसा ही था। मैं पंप करता था, पंप करना चाहता था। पर नदी में कोई पंप नहीं होता। वो अपने आप बहती है। आपके जीवन में कैसा है? मैं परमेश्वर को धन्यवाद देता हूं कि 26:21 परमेश्वर के पवित्र आत्मा के भरपूरी ने मुझे पूरी तरीके से बदल दिया। मसीह का गवाह होने के और लोगों को प्रेम करने के संबंध में परमेश्वर का संबंध के प्रेम में किसी को मुझे धकेलना नहीं पड़ता था। आइए लोगों से प्रेम करें। आइए परमेश्वर से 26:34 प्रेम करें। आइए बाइबल पढ़े परमेश्वर को सुने। नहीं एक अंदर से एक लालसा आ गई। पंप करने जैसा यह बिल्कुल नहीं था कि कुछ बूंदे टपकती है। मेरा प्रचार भी वैसा था उन दिनों मैं पंप करता था, पंप करता था, पंप करता था और थोड़ा पानी बाहर आता था। 26:50 पर जब मैं पवित्र आत्मा से भर गया और मैं पवित्र आत्मा के भरपूरी में जीने लगा, एक बहुत दुनिया भर का अंतर आ गया। मैं यह नहीं कहूंगा कि सबको आपको मेरा वरदान मिलेगा। परमेश्वर अलग-अलग वरदान देता है लोगों पर जो वरदान परमेश्वर आपको देता है। 27:05 यहां यह नहीं लिखा है कि आप सब शिक्षक होंगे। आप सब बाइबल को सिखाओगे। नहीं आप मेरे गवाह होने के और गवाह होने के अलग-अलग तरीका है। पवित्र आत्मा हमें बनाता है। पर आप जरूर एक गवाह बनोगे। यह नहीं कि आपको गवाही देनी ही है। नहीं जब 27:18 पवित्र आत्मा आपको भरता है। आपको एक गवाह होना है। नहीं आप एक गवाह बनोगे। आपके अंदर से एक इच्छा आएगी, दबाव आएगा। जो आपको बाहर कुछ धकेलता है। आप उसको रोक नहीं सकते। एक स्त्री के समान जो बच्चे को जन्म देती है, वह जन्म बच्चा बाहर ढकेला 27:36 जाता है। एक नदी की तरह जो बहती है, यह बेहतर चित्र है। एक नदी बहते रहती है, बहते रहती है। आप उसको रोक नहीं सकते। ऐसा ही होता है। एक अग्नि के समान जो जलती रहती है। और एक वचन है। श्रेष्ठ गीत में यह वचन मुझे बहुत पसंद है 27:56 अग्नि के विषय में। यीशु ने कहा पवित्र आत्मा जीवन जल की नदियों की तरह और यूना बपतिस्मा वाले ने उसको अग्नि का बपतिस्मा कहा। श्रेष्ठ गीत में लिखा है आखिरी अध्याय आठवां अध्याय सातवां वचन पानी की बाढ़ से भी प्रेम नहीं बुझ सकता। प्रेम की 28:14 अग्नि नहीं बुझ सकती। महानदों से भी डूब नहीं सकता। उसको बुझ नहीं सह सकता। सोच कर देखिए। ऐसी अग्नि कि आप उस पर नदी भी बहा दो पर वो अग्नि उस नदी को सुखा देती है और वह जलते रहती है। सोच कर देखिए इस चित्र में श्रेष्ठ गीत आठ सात में क्या ही चित्र है यह पवित्र आत्मा 28:34 के अग्नि का कि कोई भी बाधा कोई भी विरोध प्रलोभन के विरोध प्रलोभन की नदियां क्या आप ऐसा जीवन नहीं चाहते पेंटिकस्ट के दिन प्रेरितों को ऐसा ही जीवन मिला कोई उनके मुंह को बंद नहीं कर पाया उसके बाद आप उनके हृदयों में डर नहीं ला पाए 28:52 और नदियों के डर थे, डर की नदियां थी और निराशा की नदियां थी। पर पवित्र आत्मा के अग्नि द्वारा वह साफ हो गए। यह है पवित्र आत्मा का बपतिस्मा। एक और बात जो हुई उसके पहले आखिरी दिन भी जब उन्होंने यीशु से बिताया। 29:10 उस प्रभु भोज के समय अंतिम बार जब वो यीशु के साथ भोजन कर रहे थे। वे एक नहीं थे। वे सब लीडर बनना चाहते अग बनना चाहते थे और वे सब एक दूसरे से लड़ रहे थे अगुवाई के लिए पर क्या ही फर्क पड़ गया जब वे पवित्र 29:27 आत्मा से भर गए वे एक हो गए 120 लोग एक बन गए वो अलग-अलग लोग थे वह अग्नि में जल गए ऐसे अग्नि जो कई नदियां उसको बुझा नहीं सकी पर उसी के साथ यह अग्नि जो थी इन्होंने उस 29:44 अग्नि ने इन 120 लोगों को जलाकर एक शरीर बना दिया 120 मानो लोहे के टुकड़े हैं। सारे लोहे के मजबूत टुकड़े हैं। उसको भट्टी में डाल दिया जाता है। और वह एक टुकड़ा बनकर बाहर आता है। उसको आप अलग नहीं कर सकते। यह 120 लोहे के टुकड़े एक 30:03 हो गए थे। यह दूसरी बात है जो होती है। बपतिस्मा के द्वारा। बपतिस्मा मतलब डूबाया जाना। बैप्टाइजो एक यूनानी शब्द है। इसका मतलब है डूबाना। हम लोगों को पानी में डूबे हैं। उसको कहते हैं बपतिस्मा और पवित्र आत्मा में डूबाना मतलब पवित्र 30:19 आत्मा से भरना। एक झरने के नीचे खड़ा रहना। आप डूब जाते हो स्वर्ग से झरना जो पवित्र आत्मा है और इसलिए जब उन्होंने इसका अनुभव किया यहां लिखा है यह अद्भुत शब्द प्रेरितों के काम दूसरा अध्याय जब पतरस खड़ा हुआ वह अकेला नहीं खड़ा था। 30:37 क्या आप उसने आपने इस कथन को देखा? प्रेरितों दो 14 पत्रस उन 11 के साथ खड़ा हुआ। वह जो 12 थे वह एक बन गए थे। पत्ररस सिर्फ उनमें बात करने वाला था। वक्ता था पर वह एक शरीर थे। जैसा मुंह बात करता है पर पूरे शरीर उसके साथ काम कर रही है और 30:55 मुंह बात करता है। पतरस केवल मुंह था। यह अद्भुत है। पवित्र आत्मा की भरपूरी क्या करता है। हमारी कलीसियाएं ऐसी होनी चाहिए। इसलिए हमें जोर देना है हमारे कलीस्याओं में कि हर एक को पवित्र आत्मा से भरना है। दुख की बात है कई मसीह जो है 31:14 वह संतुष्ट है उससे बहुत कम पाकर उनके पास नहीं है। उनके पास अग्नि की जीभ नहीं है। उनकी बातचीत पर कोई नियंत्रण नहीं है। पर वे बहुत खुश है। वह जैसे हैं वैसे ही खुश है वे। और अगर आप खुश है तो आप कभी विकास नहीं करोगे। उस मनुष्य के 31:33 जैसे वो अपने पापी जीवन में खुश है। वो मरता है और नर्क में जाता है। आपको एक लालसा होनी चाहिए पाप से मुड़ने में। मसीह के पास आने में और उद्धार पाने में। बिल्कुल वैसे ही आपको अपने हारे हुए जीवन से तंग होना होगा। जब आप परम परमेश्वर को 31:49 सामर्थ के लिए खोजोगे। आपके हियाव की कमी से आपके नियंत्रण पर आपके जबान पर नियंत्रण नहीं है। उसके कमी से आपके विचारों पर नियंत्रण नहीं है। उसकी कमी से और लोगों से आप प्रेम नहीं कर पाते। यह दूसरी बात है। यीशु मसीह ने कहा सब मनुष्य 32:05 जानेंगे कि आप मेरे शिष्य हो जब आप एक दूसरे से प्रेम करते हो। अगर आप पाते हो कि आपके अंदर क्षमता नहीं है किसी को क्षमा करने में जिसने आपको बहुत बुरी तरीके से चोट पहुंचाई है। क्या आप जानते हो आपकी क्या जरूरत है? 10 संदेश नहीं 32:17 क्षमा करने पर पवित्र आत्मा से भरना आपकी जरूरत है। हम पढ़ते हैं रोमियो के पत्र उसका पांचवा अध्याय मेरा यह विश्वास है कि यह प्राथमिक चिन्ह है पवित्र आत्मा से भरने का। मैं जानता हूं कुछ मसीह कहता है कि अन्य भाषा में बात करना यह चिन्ह है। 32:34 नहीं वह चिन्ह नहीं है। अन्य भाषा में बात करना यह एक वरदान है। परमेश्वर कुछ लोगों को देता है। यह एक उपयोगी वरदान है। परमेश्वर ने मुझे दिया 46 वर्षों पहले मैं उसको नहीं खोज रहा था। उसने मुझे दिया और मैं उसको अपने निजी परमेश्वर से बात करने 32:48 में इस्तेमाल करता हूं। सार्वजनिक तौर पर नहीं। पर यह सबसे बड़ी बात नहीं है मेरे जीवन में। मेरे जीवन में सबसे बड़ी बात यह है रोमियो 55 पवित्र आत्मा जब हमारे हृदयों में उंडेला जाता है परमेश्वर का प्रेम हमारे मन मेरे दिल को भर देता है मेरे हृदय को भरता है 33:07 वो है जो मैं खोजता हूं स्वर्ग में हम अन्य भाषा में बात नहीं करेंगे जो दिखाता है वो सिर्फ एक अस्थाई बात है इस पृथ्वी के लिए स्वर्ग में हम भविष्यवाणी नहीं करेंगे शिक्षा सिखाएंगे नहीं चंगाई नहीं होगी यह सब अस्थाई बातें है पवित्र आत्मा 33:23 के वरदान पर एक बात है जो अनंत है वो है प्रेम और यहां लिखा है परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में उंडेला जाता है पवित्र आत्मा के द्वारा जो हमें दिया गया है वो है वह अग्नि जो अग्नि यीशु मसीह के हृदय में जल रही थी वो एक अपने पिता के लिए तीव्र प्रेम और 33:42 परमेश्वर के लोगों के लिए तीव्र प्रेम और सब लोगों के लिए प्रेम और वह पवित्र आत्मा से भर गया था और यही आत्मा है जो वह हमें देता है उसने कहा मैं तुम्हें एक और सहायक दूंगा। परमेश्वर का प्रेम हमारे हृदय में उंडेला जाने का क्या मतलब है? मैं उसको ऐसा देखता 34:01 हूं। सबसे पहले यह आश्वासन पवित्र आत्मा मेरे हृदय में आकर कहता है परमेश्वर तुमसे क्रोधित नहीं है। क्या आप जानते हो ऐसे कितने मसीही है जो हर समय सोचते हैं परमेश्वर मेरे विरुद्ध कुछ तो है उसके मन में। वो कितना कठोर व्यक्ति है। मुझसे 34:17 मांगने वाला कौन आपको यह कहता है? शैतान शैतान ने कई विश्वासियों को यह सुनिश्चित किया है कि वो हर समय यह सोचते हैं कि परमेश्वर मुझसे क्रोधित है। हर दिन आप सोचते हो परमेश्वर आज मुझसे क्यों क्रोधित है? नहीं मैं आपको कहना चाहता हूं वो आपसे 34:31 क्रोधित नहीं है। वो आपसे प्रेम करता है और आपको आश्वासित करना चाहता है उसके अद्भुत प्रेम के लिए जिसने अपना इकलौता बेटा हमें दे दिया। उसके साथ हमें और बातें क्यों वो ना देगा? हम रोमियो आठ में पढ़ते हैं। यह परमेश्वर का प्रेम का पहला भाग है जो 34:47 पवित्र आत्मा हमें देता है। मुझे याद है मेरे जीवन में मैं इस टेंशन के साथ रहता था कि मैं परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर रहा। वो मुझसे क्रोधित होगा। कुछ ना कुछ मेरे जीवन में गलत है। हां कुछ ना कुछ मेरे जीवन में गलत है। हां वो मुझे खुशी 34:59 से नहीं देख रहा। प्रेम से नहीं देख रहा। वह बहुत कठोरता से मुझे देख रहा है। हां तुम जो बनने चाहिए तुम वह नहीं हो। मुझे याद है। मुझे एक बार एक सपना आया। उस सपने में मैंने देखा अपने आपको। मैं एक सभा से वापस आ रहा था। जहां मैंने प्रचार 35:16 किया था। मैं उस घर में आ रहा था जहां मैं रह रहा था कहीं दूर पर और मुझे लगा कि मैंने अपने पूरे हृदय को उंडेल दिया था। मैंने अपनी सबसे अच्छी कोशिश की थी प्रचार करके और मेरे पीछे से मैंने एक आवाज सुनी कि यह पर्याप्त अच्छा नहीं है। यह पर्याप्त नहीं था। और मैं 35:34 इतना निराश हो गया क्योंकि मैंने प्रभु के इतनी पूरे हृदय से सेवकाई की थी और फिर प्रभु मुझसे कहता है कि यह अच्छा नहीं है। मैंने कहा प्रभु आप यह क्यों कह रहे हो? जब मैं आपसे आमने-सामने बात करता हूं। आप हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते हो पर जब आप 35:49 पीछे से बात करते हो आप कहते हो कि यह पर्याप्त नहीं है। और प्रभु ने मुझे मेरे सपने में कहा पीछे मुड़कर देखो कौन बात कर रहा है। और मैंने पीछे मुड़ा और मैंने देखा वो शैतान था। कुछ काली-काली एक बात जो भाग गई जैसे ही मैं पीछे मुड़ गया। 36:03 मैंने उस दिन कुछ सीखा 45 वर्षों से पहले जो मैं कभी नहीं भुला हूं। जो आवाज आपसे कहती है कि यह अच्छा नहीं था वो हर समय हर समय शैतान होता है। आपको लगता है कि वह पवित्र आत्मा है जो आपको चुनौती दे रहा है एक ऊंचे जीवन के लिए। 36:20 नहीं शैतान आपको निराश कर रहा है। आप माता-पिता जो हमेशा अपने पिता बच्चों को कहता है नहीं ये अच्छा नहीं है। अच्छा नहीं है। वो शैतान की आवाज आपसे आ रही है। आप उसको जानो या ना जानो। परमेश्वर की आवाज बहुत अलग है। वो हमें प्रोत्साहित करता 36:37 है। हां वो अद्भुत था, महान था। हां, वो हमें चुनौती देगा अच्छा करने के लिए अगले समय। जैसे आप चाहते हो कि आपका बच्चा दूसरी कक्षा से तीसरी कक्षा में जाए। चौथी कक्षा। आप चाहते हो कि आपका बच्चा एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाए। वैसे ही 36:52 परमेश्वर भी चाहता है। पर वो आपको यह नहीं कहते रहता कि यह अच्छा नहीं है। यह अच्छा नहीं है। नहीं परमेश्वर ऐसा नहीं है। और पहली बात जो पवित्र आत्मा कह करता है। वो आपको आश्वासित करता है कि परमेश्वर आपको सिद्धता से प्रेम करता है। वो वैसा प्रेम 37:06 करता है जैसे उसने यीशु से किया। योहना 17 23 से यह प्रकटीकरण मेरे मन में आया। जैसे पिता ने यीशु से प्रेम किया। वो मुझसे प्रेम करता है और पवित्र आत्मा ने उस आश्वासन को लाया। उसने मेरे जीवन में ऐसे विश्राम को लाया मेरे हृदय में और मैं 37:18 वहीं जीना चाहता हूं। दूसरी बात परमेश्वर का प्रेम हम में उंडेला जाता है। पहली नीव है परमेश्वर का मेरे लिए प्रेम और दूसरा पवित्र आत्मा मेरे अंदर उत्पन्न करता है एक तीव्र प्रेम यीशु के लिए और उसने उस अग्नि को मेरे हृदय में 46 वर्षों 37:35 तक जारी रखा है। यीशु मसीह से अधिक अधिक प्रेम करना है। वह अग्नि जो है वह बढ़ते जाती है। बढ़ते जाती है ताकि आप जब जागे हो रात के बीच में भी जब जागते हो यीशु मसीह मैं आपसे प्रेम करता हूं और आपका हृदय मसीह के लिए प्रेम से भर जाता है और आप 37:52 कुछ भी त्यागने के लिए तैयार हो इस संसार में परमेश्वर ने संसार जगत से ऐसा प्रेम किया उसने सबसे बड़ा बलिदान किया अपने बेटे को उसने दे दिया बलिदान यह बड़ा चिन्ह है प्रेम का अगर आप यीशु से प्रेम करते हो तो आप कोई भी त्याग करने के लिए 38:07 तैयार होगे उसके लिए और पवित्र आत्मा आपके लिए वो करेगा जब आप सोचते हो बड़े महान संत और मिशनरीज जिन्होंने बड़े-बड़े बलिदान किए मसीह के लिए सुसमाचार फैलाने के लिए आप कहते हैं उन्होंने यह कैसे किया मैं आपको बताता हूं पवित्र आत्मा ने उनके अंदर से दबाव लाया 38:23 उनको एक मसीह के लिए प्रेम दिया यह दूसरी बात है और तीसरी बात पवित्र आत्मा आता है हमारे हृदयों को भरता है कि हम दूसरों से प्रेम करें परमेश्वर के बच्चे और दूसरे भी और वह हमें यह उसके द्वारा हम क्षमता पाते हैं जो हमें तकलीफ 38:40 देते हैं उन्हें क्षमा करने के लिए। जैसे यीशु मसीह ने क्रूस पर क्षमा की। सबसे बदतर पाप एक मनुष्य ने दूसरे मनुष्य के खिलाफ अगर किया होगा इस संसार के इतिहास में वो है यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाना। उससे बड़ा पाप कभी किसी ने नहीं किया। इस 38:55 संसार में कभी भी समय के शुरुआत से परमेश्वर के पुत्र को क्रूस पर चढ़ाना। और वो पाप जो सबसे महान पाप था इस पृथ्वी पर यीशु मसीह ने उन लोगों को देखा जिन्होंने यह किया और उसने कहा पिता उन्हें क्षमा कर वे जानते भी नहीं वे क्या कर रहे हैं 39:14 क्या ही अनुग्रह तरीका है क्या जब किसी को आप मारते हो आप नहीं जानते आप क्या किसी की हत्या कर रहे हो वो जान नहीं थे किसी को कर रहे हैं वो नहीं जानते थे वो नहीं जानते किसको वो मार रहे हैं उनको क्षमा कर पिता यद्यपि वह जानते भी होंगे 39:30 कई लोग आपको क्षमा आपको चोट पहुंचाते हैं। आपको और मुझे चोट पहुंचाई है जानते हुए और कभी-कभी अनजान में। पर यद्यपि उन्होंने जानबूझकर वो किया हो उन्हें क्षमा करें। आप कहते हो यह कठिन है। हां, मैं जानता हूं वो कठिन है। क्या आप जानते हो आपकी 39:46 क्या जरूरत है? पवित्र आत्मा से भरने की जरूरत है। जब आप पवित्र आत्मा से भरते हो। आपके लिए इतना ही आसान होगा लोगों से प्रेम करना। जिसने आपसे विरुद्ध सबसे बड़ा अपराध किया है। जितना ही यीशु के लिए था। उन लोगों को क्षमा करना जिन्होंने सबसे 40:01 बुरा अपराध था जो इस संसार पर कभी हुआ है। परमेश्वर के पुत्र को क्रूस पर चढ़ाना। सबसे बुरा अपराध जिसने किसी के खिलाफ किया हो परमेश्वर के पुत्र को क्रूस पर चढ़ाना। यीशु मसीह ने तुरंत क्षमा किया। उसको समय नहीं लगा। उसने कहा पिता उन्हें क्षमा कर। 40:18 और अपने हृदय से वो यह कह रहा था। और आप में से कई जिनको यह कठिन जाता है दूसरों को क्षमा करना। जिन्होंने आपके खिलाफ, आपके बच्चों के खिलाफ, आपके परिवार या बेटे बेटी के खिलाफ कुछ चोट पहुंचाई है। कई बार कई सालों पहले और फिर अभी भी आपके 40:31 हृदय में कड़वाहट है। आप अपने आप का बिगाड़ रहे हो। शैतान चाहता है कि वो बात आप अपने हृदय में रखो और अपने आप को नाश करो। उसको छोड़ दो और कहिए पवित्र आत्मा से मुझे भर दे। प्रभु हर बात जो आप बाइबल में पढ़ते हो उसके हमें विवश होना है जो 40:45 हम परमेश्वर को खोजे। पवित्र आत्मा से भरने के लिए। जब मैं मत्ती पांच, छ और सात पढ़ता हूं। उदाहरण के तौर पर और मैं यह असंभव मापदंड को पढ़ता हूं। यह असंभव मापदंड है। असंभव आदर्श है। मति पांच छ सात को आप ईमानदारी से पढ़ें और आप कहेंगे यह असंभव 41:02 है। यीशु मसीह ने मत्ति 5:20 में कहा आपकी धार्मिकता शास्त्रियों और फरियों की धार्मिकता से बढ़कर होनी चाहिए। और वो कहता है मैं आपको उदाहरण देता हूं। फरसियों और शास्त्रियों की जो धार्मिकता थी मति 5:21 हत्या ना करना। मेरा आदर्श है 41:19 गुस्सा भी नहीं होना। गुस्सा मतलब हत्या। आप में से कितने विश्वासी यह जानते हो कि गुस्सा मतलब हत्या है। नई नई वाचा में पुरानी वाचा में गुस्सा और हत्या बराबर नहीं है। वो सिर्फ हत्या था 10 आज्ञा में। और इसलिए अगर नई वाचा होती 41:37 आज्ञाओं की तो वो होती गुस्सा नहीं होना। हत्या करना यह नहीं। वो पुरानी वाचा है। वही उसने 22 वचन में कहा। आपकी धार्मिकता वह स्पष्ट कर रहा है 20 वचन में आपकी धार्मिकता फरिसियों से अधिक होनी चाहिए और वह कहता है मैं कुछ उदाहरण देता हूं पहला 41:52 उदाहरण वे हत्या नहीं करते आपको गुस्सा नहीं होना है बिल्कुल वही है और अगर आप गुस्सा होते हो किसी से और फिर आप आकर प्रार्थना करते हो मत्त 5 23 में आप अपनी भेंट वहीं छोड़ दो प्रार्थना करना छोड़ दो उस मनुष्य से जाकर 42:09 उसको सही करो यह इतना गंभीर है कि परमेश्वर आपकी प्रार्थना भी नहीं सुनेगा अगर आपने किसी को चोट पहुंचाई और आपने उसके साथ उसको सही नहीं किया होगा तो यह इतनाइतना जरूरी है और वह कहता है मैं एक और उदाहरण देता हूं फरसियों की धार्मिकता 27 वचन व्यभचार ना करना पर मैं 42:27 आपसे कहता हूं अगर आप किसी स्त्री पर कुदृष्टि से एक बार आपकी आंखों से किसी स्त्री पर आप जानते भी नहीं कौन सी स्त्री है और आप लालसा करते हो या एक मैगजीन में आप देखते हो लालसा करते हो या किसी वीडियो में आप देखते हो और लालसा करते हो आपने 42:40 व्यभिचार कर दिया है यह है नई वाचा का आदर्श और इन दोनों बातों में उसने कहा 22 वचन क्रोध आपको नर्क में ले जाएगा और 29 वचन में वो कहता है लालसा करना कुदृष्टि करना यौन लालसा करना आपको नर्क में ले जाएगा क्या यह इतना गंभीर है कि गुस्सा होना 42:57 आपको नर्क ले जाएगा हां एक स्त्री के लिए लालसा करना वो आपको नर्क में ले जाएगा हां 22 और 29 वचन पढ़िए मति पांच में और वो कई बातें कहता है आपको हमेशा सत्य कहना है आपको केवल अपने पड़ोसियों से नहीं बल्कि अपने बैरियों से भी प्रेम रखना है 44 वचन 43:13 और और ये अद्भुत अद्भुत बातें जब आप प्रार्थना करते हो किसी को जानने ना दे। जब आप उपवास करो किसी को जानने ना दे और चिंता ना करना। यह सारी बातें आप पढ़े और कहिए प्रभु मैं कैसे यह जीवन को जी सकता हूं? क्या आपको ऐसा कभी लगा है जब आपने मत्त 43:28 पांच छ सात को पढ़ा है? प्रभु मैं कैसे यह जीवन जी सकता हूं? मैं अचंभित हूं कि कई मसीह इसको पढ़ते हैं मत्त 5 छ को और आमतौर पर उसको पढ़ते हैं और कहते हैं यह जैसे न्यूज़ पेपर हो अखबार हो नहीं यह परमेश्वर की आज्ञा है आपके लिए आपको कभी गुस्सा 43:45 नहीं होना है। आपको कभी लालसा नहीं करनी है अपनी आंखों से। आपको सारे बैरियों से प्रेम करना है। आपको हर एक को आशीष देनी है जो आपको श्राप देता है। और आप कहते हो प्रभु मैं यह नहीं कर सकता। मैं प्यासा हूं। यीशु मुझे यह जीवन दे। 44:00 इस प्रकार मैंने परमेश्वर को खोजा और वही लिखा है पहाड़ी उपदेश के अंत में यही उत्तर है आप पहाड़ी उपदेश के अंत में आते हो और आपको सिर्फ अच्छी शिक्षा प्राप्त की है फिर आपके पास इस वचन की आवश्यकता नहीं है पर अगर पहाड़ी उपदेश के अंत में जो 44:15 सोचते हैं कि प्रभु यह आदर्श है जो मैं नहीं पा सकता यीशु ने कहा मत्त सात का सात मांगो मांगो तो तुम्हें दिया जाएगा मांगो सहायता के लिए यह जीवन जीने के लिए आप सहायता पाओगे ढूंढो तो उस सहायता के लिए इस जीवन को 44:34 जीने के लिए तुम पाओगे खटखटाओ और कहिए प्रभु हर कोई जो ऐसे मांगता है आठवां वचन वो प्राप्त करेगा हर कोई जो ऐसा ढूंढता है वह पाता है हर कोई जो ऐसा खटखटाता है वह खोला उसके लिए खोला जाएगा और वो पवित्र आत्मा से भरा जाएगा और फिर वो आगे जाकर कहता है 44:52 मैं आपको बताना चाहता हूं परमेश्वर कितना अच्छा है तुम जो बुरे हो तुम बुरे होकर 11 वचन अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना चाहते हो तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगने वालों को अच्छी वस्तुएं क्यों ना देगा? सबसे अच्छी वस्तु क्या है? पवित्र 45:04 आत्मा। इस जीवन को जीने की सामर्थ जो मति पांच और छ में जिसका वर्णन है अपने जबान पर नियंत्रण करने की सामर्थ। अपने परमेश्वर के लिए आपकी जीभ अग्नि पर होगी। अगर आप इस सभा में एक टेक्निक सीखना चाहते थे तो ऐसी कोई टेक्निक है ही नहीं। पवित्र आत्मा से 45:23 भरने की। पर अगर पवित्र आत्मा ने जो आपने आज सुना उसके द्वारा आपके अंदर एक भूख को उत्पन्न किया है आपके हृदय में तो फिर वही आपके जीवन में वो हासिल करना चाहता है। एक प्यास जो कभी बुझेगी नहीं जब तक परमेश्वर आपसे 45:40 नहीं मिलता। एक अच्छा उदाहरण है पुराने नियम में जो मैं आपको दिखाना चाहता हूं। अगर आप मेरे साथ निकाले उत्पत्ति की पुस्तक उत्पत्ति की पुस्तक उसका 32 अध्याय मेरे साथ निकाले बहुत ही अद्भुत यह वचन है उत्पत्ति 32 अध्याय वहां हम एक मनुष्य के विषय में पढ़ते हैं 46:07 जो बहुत ही टेढ़ा व्यक्ति था। मैं धन्यवादी हूं कि परमेश्वर हमें ऐसे उदाहरण देता है जो लोग बहुत अद्भुत नहीं थे। बहुत सीधे नहीं थे। हमारे पास अद्भुत सीधे लोग थे युसुफ दानियल पर याकूब ऐसा नहीं था। याकूब एक टेढ़ा व्यक्ति था। 46:25 [गला साफ़ करने की आवाज़] वह जानता था कैसे अपने भाई को धोखा देकर उसका जन्म सिद्ध अधिकार छीन ले। वो अपने मां के गर्भ से बाहर आया। अपने भाई का पैर पकड़ते हुए और पहले आना चाहता था। पर वह चूक गया। और फिर वह कहता है मैं बाहर पहले 46:37 आना चूक गया। पर मैं वो पहलोटे के अधिकार को छीनूंगा। और उसने धोखा दिया थोड़ा सूप देकर उसको उस पहलोटे के अधिकार को छीनने के लिए। कितना ही वो टेढ़ा व्यक्ति था और फिर वह जाता है अपने अंकल के लिए अपने मामा के लिए काम करने के लिए और उसके सारे 46:53 जो भेड़ बकरियां है वो चुरा लेता है। एक टेढ़ा व्यक्ति क्या आप उसके साथ मेल खाते हो? मैं आपको बताता हूं। हम सारे मनुष्य में आप में और मुझ में एक टेढ़ापन है। आप जाने या ना जाने आप एक अच्छे बर्ताव से उसको ढाक सकते हो। पर आप में और हम में मेरे में एक 47:13 टेढ़ापन है याकूब की तरह यह अद्भुत है कि बाइबल बताती है परमेश्वर ऐसे टेढ़े व्यक्ति से मिलता है याकूब से धन्यवाद हो परमेश्वर को वो अगर याकूब से मिल सकता है तो वो मुझे मिल सकता है यही मेरी आशा है हम उत्पत्ति 32 में पढ़ते हैं कि उसका भाई 47:27 ईसा ऐसा उसको मारने के लिए आ रहा है ऐसा वह सोचता है और इसलिए वह डरा हुआ है और वह कहता है वह अकेला होता है परमेश्वर के साथ उत्पत्ति 32 उसका 24 वचन पर ऐसा से मिलने से पहले अद्भुत बाइबल का यह भाग है। उत्पत्ति 32 47:46 24 से आगे 31 वचन तक। कृपया इसे पढ़े। याकूब आप अकेला रह गया 24 वचन। यह पहली बात। आपको अकेला होना है परमेश्वर के साथ। पवित्र आत्मा से अगर भरना होगा तो। दूसरे लोग होंगे शायद एक सभा में 100 लोग 48:06 प्रार्थना कर रहे हैं। पर आपको वहां परमेश्वर से अकेला होना चाहिए। आपके आंखें बंद कर रहे हो और आप सबसे अलग हो। मानो आप अकेले हो। सबसे बेहतर अगर आप आपके कमरे में अलग हो या अगर आपके पास कमरा नहीं है तो रात में जब सब सोए हुए हैं आप बिस्तर 48:19 में लेटे हो। आप अपने पुकार रहे हो हृदय में। कोई आवाज बिना किया। प्रभु मुझे पवित्र आत्मा से भरे। मैंने ऐसे कई कई बार किया है। प्रभु रात में मुझे पवित्र आत्मा से भर दे। याकूब अकेला रह गया। आपको अकेला रहना है। यह एक बहुत ही दुखी 48:38 बात है कि हमारा जीवन इतना व्यस्त है। हमारे पास समय नहीं है अकेला होने के लिए परमेश्वर के साथ। इसलिए कोई अचंभे की बात नहीं। हम इस जीवन को नहीं जीते जो परमेश्वर चाहता है कि हम जिए और हम इस पृथ्वी से निकल जाते हैं और हमने अपने 48:50 जीवन को व्यर्थ गवाया है क्योंकि हमने परमेश्वर के साथ अकेला समय नहीं बिताया। हमारे पास मौके थे पर हमने उन मौकों को नहीं लिया। शायद आपने टीवी देखने में बहुत समय बिताया या इंटरनेट पर बहुत समय बिताया या अन्य बातें करने में समय बिताया। कुछ 49:03 बातें अच्छी हैं। पर अगर आप परमेश्वर के साथ अकेले होने के समय को वह निकाल लेता है तो आपके जीवन में कुछ गलत है। और परमेश्वर उससे मिला और परमेश्वर ने उसको परखा और यह चित्र की भाषा है कि कोई उसे मल युद्ध कर रहा था। परमेश्वर सिखा रहा था कि 49:21 तू मुझसे मल युद्ध कर रहा है। संघर्ष कर रहा है और याकूब नहीं छोड़ना चाहता था। और परमेश्वर कहता है ठीक है मुझे तुझे तोड़ना पड़ेगा। और उसने उसके जांघ की नस उसको डिस्लोकेट कर दिया। उसकी जांघ की नस चढ़ गई। उत्पत्ति 325 उसको तोड़ 49:39 दिया। और कभी-कभी परमेश्वर को हमें तोड़ना पड़ता है। मैं जानता हूं उसे मुझे तोड़ना पड़ा। पवित्र आत्मा से भरने से पहले वो उस जो सुगंध की कुप्पी थी जो उस स्त्री ने लाई थी। इत्तर की कुप्पी उसमें बहुत सारा इत्तर था। पर उसकी जो सुगंध है तब तक 49:57 नहीं बाहर आएगी जब तक वो कुप्पी टूटेगी नहीं और जब वह बर्तन टूट गया वो सुगंध से वो घर भर गया हम पढ़ते हैं एक एटम परमाणु जो होता है हम हमारे इस सृष्टि में भी देखते हैं परमाणु इतना छोटा है कि आप देख भी नहीं सकते माइक्रोस्कोप से भी आप उसको 50:14 नहीं देख सकते पर जब वो छोटा परमाणु होता है एटम होता है जब वो टूट जाता है उसमें से इतना अद्भुत सामर्थ्य निकलता है कि एक शहर को पूरी बिजली मिल सकती है एक छोटा एटम अगर अगर टूट जाए तो परमाणु टूट जाए तो पूरे शहर में बिजली आएगी। क्या उससे 50:31 ज्यादा सामर्थ मिल सकता है? यह सृष्टि में मिलने वाला एक दृष्टांत है। टूटापन क्या आपको याद है जब यीशु ने प्रार्थना की [खांसने की आवाज़] पांच रोटियां दो मछली उसने प्रार्थना की कुछ नहीं हुई। क्या आप जानते हो? कुछ नहीं हुआ। पर जब उसने उस 50:45 रोटी को तोड़ा वो हजारों रोटी बन गए। टूटापन वही रहस्य है। जब वहां पत्थर था पानी नहीं आया पर जब वह उसको मारकर तोड़ा गया तो उसमें से पानी नदियां बाहर आई क्योंकि दो लाख लोग थे उस मरुभूमि में 51:01 जिनकी प्यास बुझनी थी याकूब को तोड़ा जाना था टूटना था और आपका टूटने की आवश्यकता है परमेश्वर को कुछ करना होगा आपको टूटने के लिए विशेषकर आपका घमंड क्योंकि आप एक घमंडी व्यक्ति को नहीं भर सकते एक व्यक्ति को टूटना पड़ेगा और नम्र होना पड़ेगा शायद 51:19 आपने कुछ अद्भुत चीजें हासिल की अपने जीवन में इस वजह से आपको तोड़ने की आवश्यकता है। आपको लगता है कि आप बहुत पवित्र व्यक्ति हो। आपने बड़े-बड़े पाप नहीं किए दूसरों की तरह। परमेश्वर का धन्यवाद हो। पर आपके वजह से उसकी वजह से आप इतने घमंड 51:31 हो गए हो कि सबसे बदतर पाप आपको मिला है। व्यभचार से भी बुरा पाप कि आप घमंड ही भरो कि आप में व्यभचार है। वो तो व्यभचार से भी बड़ा पाप है। घमंड। आपको टूटने की आवश्यकता है। अगली बात जो हम देखते हैं। 27 वचन परमेश्वर ने याकूब से पूछा तेरा 51:49 नाम क्या है? तू मुझे बता तू कौन है? क्या आप जानते हो याकूब का क्या मतलब है? याकूब का मतलब है धोखा देने वाला। इसलिए प्रभु उसको पूछ रहा है तेरा नाम क्या है? प्रभु मैं धोखा देने वाला हूं। क्या आप यह कह सकते हो? क्या आप यह प्रभु को ईमानदारी से 52:06 कह सकते हो? कि प्रभु टेढ़ा धोखा देने वाले व्यक्ति जो आपके अंदर है प्रभु के सामने उसको कनंफेस करें। काब कबूल करें। प्रभु मैं लालसा करने वाला हूं। मैं गुस्से से भरा हुआ व्यक्ति हूं। मैं कड़वाहट से भरा हुआ व्यक्ति हूं। मैं धोखा देने वाला हूं। मैं 52:21 पैसे का प्रेमी हूं। मैं संसार से प्रेम करता हूं। मुझे थोड़ा धर्म चाहिए और स्वर्ग जाना चाहता हूं। पर मैं संसार से प्रेम करता हूं। परमेश्वर से ईमानदार बने। जब यह सब हो गया परमेश्वर उससे मिला और उसको छुआ। और उसने कहा, ठीक है। तुम आपसे 52:38 अलग होंगे। तुम याकूब धोखा देने वाले नहीं होंगे। तुम्हारा नाम होगा। 28 वचन इसराइल परमेश्वर के साथ राजकुमार क्योंकि तुमने परमेश्वर से और मनुष्य से भी युद्ध करके प्रबल हुए हो। यह एक चित्र है मनुष्य का पवित्र आत्मा से भरने का। 52:56 अकेला परमेश्वर के साथ टूटा हुआ परमेश्वर से ईमानदार [गला साफ़ करने की आवाज़] और परमेश्वर आपसे मिलता है। क्या आप उससे गुजरने के लिए तैयार हो? परमेश्वर से अकेला होना, ईमानदार होना, उसको तोड़ने की अनुमति देना। मैं यह अंतिम बात कहना चाहता हूं जो याकूब 53:13 ने कही जब वह जाने की कोशिश करता है 26 वचन मुझे मैं तुझे जाने नहीं दूंगा जब तक तू मुझे आशीर्वाद ना दे यह अंतिम बात मैं कहना चाहता हूं परमेश्वर के पास आकर कहना परमेश्वर प्रभु मैं तुझे नहीं जाने दूंगा 53:31 मुझे तोड़ दे मुझे नम्र कर आप जो चाहे वह कीजिए मेरे जान की नष्ट चढ़ा दीजिए कोई बात नहीं मुझे नम्र करिए सब सबके सामने कोई बात नहीं पर मैं आपको जाने नहीं दूंगा जब तक आप मुझे आशीर्वाद नहीं दूंगा और आशीर्वाद जो मैं चाहता हूं वह है पवित्र आत्मा से 53:50 भरना और प्रभु कहता है आप वही व्यक्ति नहीं होंगे आप एक अलग व्यक्ति होंगे आज से और मुझे याद है यह मेरे साथ हुआ 46 वर्षों पहले और परमेश्वर मुझसे मिला और मैं एक अलग व्यक्ति बन गया और उतना ही नहीं मेरी पूरी सेवकाई उस दिन 54:09 से बदल गई। वो नदियों की तरह बहने लगी। जैसे मैं पीछे मुड़कर देखने लगता हूं अपने जीवन पर। धन्यवाद हो प्रभु कि मैंने अपने जीवन को नहीं व्यर्थ गवाया। काफी अच्छी बातें कर गए। नहीं मैं खुश हूं कि मैं तेरी योजना को मेरे जीवन के लिए पूरा कर 54:28 पाया। मेरे प्रिय भाइयों और बहनों मैं आपको बताना चाहता हूं बहुत प्रेम से परमेश्वर के पास आपके लिए बहुत ही विशेष योजना है आपके जीवन के लिए। आप उससे बेहतर योजना अपने जीवन के लिए बना ही नहीं सकते। वो आपके जन्म से पहले उसकी योजना की गई 54:43 थी। वो आपको वो पूरा करना चाहता है आपके अंदर। वह चाहता है कि वह एक अद्भुत आपके एक काम पूरा करें। अद्भुत मकसद पूरा करें इस पृथ्वी को 55:01 छोड़कर जाने के पहले और आप कहे कि मैंने आज तक कई वर्ष अपने जीवन के गवा दिए हैं। मैं आपको एक वचन देना चाहता हूं। वहां जाने से पहले याकूब की कहानी हम खत्म करेंगे। याकूब के जांग की नस चढ़ गई। डिस्लोकेट हो गया। और उसने कहा मैं तुम्हें नहीं जाने 55:21 दूंगा। और परमेश्वर ने उसको आशीष दी। तुम राजकुमार हो। तुम परमेश्वर और मनुष्य के साथ प्रबल हुए हो। उत्पत्ति 32 में परमेश्वर से सामर्थ और मनुष्यों के साथ सामर्थ। आप प्रार्थना कीजिए कि आपके जीवन में भी यह सच होगा। बिल्कुल जैसे याकूब के 55:36 जीवन में हुआ जैसे उत्पत्ति 32 28 में लिखा है मनुष्यों के साथ सामर्थ और मनुष्यों के साथ सामर्थ। प्रभु मैं यह चाहता हूं। और फिर हम पढ़ते हैं क्योंकि उसके जाम की नस चढ़ गई थी। उसको एक लकड़ी लेकर। वह एक जवान व्यक्ति था। उन दिनों अगर हम देखें तो वह बहुत जवान 55:56 था। सोच कर देखिए 25 वर्ष का लड़का अगर एक लकड़ी लेकर चलना पड़े तो और वह लकड़ी लेकर चलने लगा लंगड़ता था और हम इब्रानियों के 11व अध्याय में पढ़ते हैं सारे अद्भुत चमत्कार जो लिखे हैं इब्रानियों 11 में 56:13 अद्भुत अद्भुत चमत्कार लाल समुंदर के दो भाग होते हैं यों के दीवारें गिर जाती है और सिंहों के मुंह बंद होते हैं और लोग मृत्यु से जी उठते हैं सारे इब्रानियों 11 में लिखा है इन सबके बीच में लिखा है यह अद्भुत चमत्कार याकूब 21 वचन 56:32 ये या इब्रानियो 11 21 याकूब अपने लाठी के सिरे पर सहारा लेकर दंडवत किया और आप कहते हो यह कैसा चमत्कार है क्या यह वही श्रेणी में आता है बाकी चमत्कारों के जो लिखे यहां इब्रानियो 11 लाल समुंदर को दो भाग करना यरियो के दीवार नीचे लाना उससे भी 56:48 बड़ा चमत्कार यह है क्योंकि यहां एक मनुष्य जो इतना टूटा हुआ था अपने जीवन के अंत तक वो अपने लाठी के सिरे पर सहारा लेता था। यह कहते हुए कि प्रभु मुझे हर दिन तुझ पर सहारा लेना है। और यह एक अद्भुत चमत्कार है जब परमेश्वर इसको आपके 57:03 जीवन में यह करता है। आप कहते हो प्रभु मैं एक भी बात आप पर सहारा लेने के अलावा नहीं कर सकता। हर दिन मुझे निर्भर होना है। उससे भी बेहतर उदाहरण जो यीशु ने कहा आप डाली के समान हो उस दाकलता में। हर दिन मैं अपने आप का चित्र करता हूं। यीशु मसीह 57:20 दाकलता है और मैं एक डाली हूं। और अगर मेरा संबंध टूट जाता है उस पेड़ के साथ तो मेरे जीवन से कुछ नहीं निकलेगा। मुझे कुछ भी उत्पन्न नहीं करना है। मुझे केवल उस पेड़ में बने रहना है। और वो जो पोषण तत्व है पवित्र आत्मा का 57:38 चित्र वो पोषण के तत्व उस पेड़ से उस डाली में बह आएंगे और वो फलों को उत्पन्न करता रहेगा। आप उस डाली को देखकर कहते हो आप कैसे इतने अद्भुत अद्भुत आम का आम या सेब लाते हो। और वो डाली कहती है मैं कुछ नहीं करता। मैं एक भी आम नहीं ला सकता। 57:57 मैं एक भी सेब नहीं ला सकता। मैं सिर्फ डाली पेड़ में बनता हूं। जाकर पेड़ से पूछे पेड़ विश्वास योग्यता से उस पोषण तत्व को मुझ में भेजता है। मुझे बस सुनिश्चित करना है कि वह जो संबंध है वो बना रहे। और वहां कोई ब्लॉकेज ना हो। कोई 58:13 बाधा ना हो। वह पोषण तत्व के लिए कोई बाधा ना हो। कोई ब्लॉकेज ना हो उस डाली में। उसको मैं हर समय खुला रखता हूं। हर पाप को मैं कबूल करता हूं और हर समय पवित्र आत्मा के सामर्थ के लिए एक चलती हुई भूख है जो जारी रहती है और वो जो पोषण तत्व है वह 58:31 बहते रहेंगे और आप जानोगे भी नहीं कैसे वो फल उत्पन्न होता है और वही मेरी गवाही है जैसे मैं पीछे मुड़कर देखता हूं 46 वर्षों पहले मैं कह सकता हूं मैंने कभी एक भी कलीसिया का निर्माण नहीं किया मैंने एक भी फल नहीं लाया मैं उस 58:47 डाली की तरह हूं मैं दाखलता में रहता हूं उस पेड़ में रहता हूं और वो पोषण तत्व बनते रहते देता हूं। मैं खुद आश्चर्यचकित होता हूं। जब मैं देखता हूं फल को आपका जीवन भी ऐसा ही होगा और मैं वैसे होना चाहता हूं। मेरे जीवन के अंत तक जब तक प्रभु वापस ना आ जाए मैं ऐसा 59:05 बनना चाहता हूं। एक डाली जो फल लाती है पूरी तरीके से प्रभु पर निर्भर जब मैं बात करने के लिए भी तैयार होता हूं। जब मुझे बात करनी है, प्रचार करना है। प्रभु मैं डाली के समान हूं। मैं नहीं जानता क्या कहना है। प्रभु आपको मुझे कहना पड़ेगा। 59:19 हां मैं तैयार करता हूं। बाइबल की पढ़ाई करता हूं। पर पर जो कुछ मैं बात करता हूं अगर प्रभु बात नहीं करेगा तो कुछ हासिल नहीं होगा। क्या आपको याद है? जब शिष्य इमोस रोड पर चल रहे थे। लुका 24 में हम पढ़ते हैं। यही प्रभु के वचन के प्रचार 59:35 में मेरा यह रहा है। लुका 24 में हम पढ़ते हैं। इमामस में वो शिष्य चल रहे थे। और वह सात मील 10 11 किलोमीटर के वह रास्ता था। हम लुका 24 13 में पढ़ते हैं और यीशु मसीह उनके साथ चल रहा था। 13 किलोमीटर की वो जो दूरी थी 59:53 11 या 12 किलोमीटर उसको लगभग 3 घंटे लगेंगे और यीशु मसीह ने उनसे बात की और अंत में उन्होंने कहा लुका 24 32 हमारे जो ह्रदय थे वह हमारे मन उत्तेजना से उत्पन्न थे। इंग्लिश में लिखा 1:00:12 है हमारे हृदय जल रहे थे और मैंने कहा प्रभु अगर पवित्र आत्मा आपके द्वारा यह कर पाया तो आपने हमें भी वही पवित्र आत्मा दिया क्या आप मेरे द्वारा नहीं कर सकते कि जब आप मेरे द्वारा बात करते हो यद्यपि तीन घंटे क्यों ना मैं बात करूं लोग बोर नहीं 1:00:29 होंगे पर उनके हृदय जलेंगे मैं यह नहीं कर सकता मैं अद्भुत मैं होशियार बातें कह सकता हूं चतुर बातें कह सकता हूं पर मैं लोगों के हृदयों को जला नहीं सकता। वो पवित्र आत्मा कर सकता है। जो परमेश्वर ने यीशु के द्वारा किया वो आपके और मेरे द्वारा कर सकता है। मेरा यह 1:00:46 विश्वास है क्या आपका यह विश्वास है? इस वजह से यीशु ने कहा मैं आपको अकेला नहीं छोडूंगा। मैं आपको दूसरा सहायक दूंगा। योहन्ना 14 पढ़कर देखिए। मेरे पास समय नहीं है सब कुछ बात करने के लिए। अगर आपके अंदर भूख और प्यास है। कहिए प्रभु मैं 1:01:03 जैसे यीशु चलता था वैसे चलना चाहता हूं। मेरे जीवन में आपके लिए हृदय में एक प्रेम चाहता हूं। तीव्र प्रेम, सब कुछ त्यागने का प्रेम, एक तैयारी, लोगों के लिए एक ऐसा प्रेम जो सब कुछ क्षमा करने के लिए तैयार है। लोगों ने कितनी भी चोट पहुंचाई हो, 1:01:16 लोगों को मैं आशीष देता हूं। मेरे जीवन के अंत तक मैं जीवन की नदियां चाहता हूं मेरे से बहने के लिए। मुझे तोड़िए तोड़िए तोड़िए। मैं आप पर निर्भर होना चाहता हूं। सहारा लेना चाहता हूं। प्रभु उस लकड़ी पर और एक डाली के समान बनना चाहता हूं। उस 1:01:29 पेड़ में हर समय मैं उस जयवंत जीवन को जीना चाहता हूं। जहां पाप मुझ पर प्रभुता नहीं कर पाएगा। जहां मैं डर में नहीं जीता, जहां मैं निराश नहीं होता, जहां मैं चिंता में नहीं जीता, टेंशन में नहीं जीता, तनाव में नहीं जीता। प्रलोभन आते हैं और मैं उनको पवित्र 1:01:48 आत्मा के सामर्थ में उसका इंकार करता हूं। जैसे एक डक के पीठ पर पानी कितना भी आप पानी फेंके वो पानी चिपकता नहीं। वो निकल जाता है। वैसे ही प्रलोभन होने प्रलोभन आएंगे। जब यीशु मसीह पवित्र आत्मा से भर गया। अगली बात लिखी है कि वह प्रलोभित 1:02:03 हुआ। परीक्षा में गया और आपकी भी परीक्षा होगी। पर यीशु मसीह ने जयवंत हुआ और आप भी जयवंत होंगे। यह अद्भुत जीवन है जिसमें परमेश्वर आपको ले जाना चाहता है। मैं आपको यह नहीं दे सकता। जैसे योना बपतिस्मा ने कहा मेरे पास मत आओ। वो वो है 1:02:20 यीशु के पास जाइए। यीशु मसीह वो है जो आपको पवित्र आत्मा से भर सकता है और आपको अग्नि पर लगा सकता है। परमेश्वर आपको आशीष दे। आइए हम अपने सिरों को झुकाएंगे। जैसे हम अपने सिरों को झुकाते हैं। अगर 1:02:39 आपको कुछ भी है ऐसा लगता है जो आपको बाधा प्रकट बाधा ला रहा है। परमेश्वर की सामर्थ्य को बहने से बहुत ही जल्द से कहिए प्रभु मैं उसको छोड़ने के लिए तैयार हूं। मैं नहीं जानता क्या है? अगर कुछ और है तो आप मुझे दिखाइए। मैं सब कुछ त्यागने के लिए तैयार 1:02:56 हूं। मैं चाहता हूं हर एक ब्लॉकेज जो है हर एक बाधाएं मेरे हृदय में निकल जाए। मैं चाहता हूं परमेश्वर के नदी स्वर्ग से मेरे हृदय में बहे आज से एक शुरुआत के तौर पर उस दिन तक जब तक आप वापस ना आ जाए मेरे जीवन के अंत तक इस संसार में मैं चाहता 1:03:12 हूं नदियां मुझसे बहे क्या आप यह प्रार्थना करोगे मैं आपके लिए नहीं कर सकता पर यीशु कर सकता है मैं उसको दिखाता हूं कि यीशु है जो पवित्र आत्मा और अग्नि से बपतिस्मा देता है प्रभु मुझे अग्नि पर जलाइए एक ऐसी अग्नि जो कभी नहीं बुझेगी 1:03:26 मेरी सहायता कीजिए मैं सबको क्षमा करूं जिसने मुझे चोट पहुंचाई अभी तुरंत मैं अपने हृदय को खोलता हूं। प्रभु आपके लिए मेरे हृदय को भर दीजिए। हम प्रार्थना करते हैं। धन्यवाद स्वर्गीय पिता। धन्यवाद प्रभु यीशु। आप हमारे हृदयों को जानते हैं। आप हर एक 1:03:44 के हृदय को जानते हैं जो प्रार्थना कर रहा है। उनको उत्तर दीजिए और उनकी जरूरत पूरी कीजिए। पूरा कीजिए। हम प्रार्थना करते हैं स्वर्गीय पिता हम प्रार्थना करते हैं यीशु के नाम से आमीन।