0:00 इनमें से कुछ गीत जो है कुछ हिम्स बहुत ईश्वरीय लोगों ने लिखे थे और इन्होंने मेरी बहुत ज्यादा सहायता की है मेरे मसीही जीवन में सारे 62 वर्ष जब मैं एक मसीही रहा हूं नया 0:19 जन्म पाया हुआ मसीह और मैं उनको याद से जानता हूं मैंने उसको याद कर लिया है मेरे मेमोरी में और अलग-अलग समय समय पर उससे मेरी सहायता होती है। कई कई अद्भुत गीत 0:34 जो ईश्वरीय लोगों ने लिखे थे और कई बार मैं पाता हूं मसीह और कलीसियाओं में भी वो ज्यादा ध्यान उस संगीत पर देते हैं। म्यूजिक पर देते हैं। मेलडी पर धुन पर शब्दों से भी अधिक। मैं आपको प्रोत्साहन 0:53 देना चाहता हूं मेरे भाइयों और बहनों कि आप या कोशिश कीजिए याद करना जैसे हम बाइबल के कुछ वचनों को याद करते हैं। सचमुच कुछ अच्छे गीत है। हम सब कुछ तो नहीं याद कर सकते पर कुछ कभी-कभी मैं कुछ पद याद करता हूं या एक आधा कुछ वाक्य याद 1:12 करता हूं। एक गीत के एक हिम के जो पुराने गीत है और जो बार-बार मेरे मन में आते हैं और अलग-अलग समयों पर वह मेरी सहायता करते हैं। विशेषकर दबाव के समय में एक गीत से एक शब्द आता है। एक वचन आता है जो हमारे हृदय में आकर हमें आशीष दे सकता 1:30 है। क्या आप जानते हो बाइबल कहता है बाइबल बताती है यीशु मसीह क्रूस पर जाने से पहले आखिरी बात जो उसने की रोटी तोड़ने के बाद उसके शिष्यों के साथ वह थी एक गीत गाना। आप इसको पढ़ते हो सुसमाचारों में। 1:49 जस्ट उसने यह कहने के पहले कि आइए हम गसेमनी बाग में जाए। उसने एक गीत गाया। एक भजन गाया उस क्रूस पर जाने के पहले जस्ट उसके कुछ समय पहले। क्यों ऐसा? क्या वो एक ऐसा उदाहरण है जिसके पीछे हमें भी चलना है? जरूर। 2:06 यीशु मसीह वह हमारा उदाहरण है और उस क्रूस पर जाने से पहले अगर जिस बात से उसको सामर्थ मिली वह था एक गीत गाकर एक भजन गाकर तो फिर वह एक बहुत उत्तम उदाहरण है हमारे लिए मैं आपको बताता हूं उसने मेरी सहायता की है अलग-अलग परिस्थितियों 2:22 में परीक्षा के समय में दबाव के समय में एक गीत जो मेरे मन में था याददाश्त में था जो मेरे मन में आता है पवित्र आत्मा हमें ना ही बाइबल को याद दिलाता है बाइबल के वचनों को पर कभी-कभी गीत जो ईश्वरीय लोगों ने लिखे भजन संहिता को ले लीजिए उदाहरण के 2:37 तौर पर वो पुराने नियम के गीत संग्रह था और उनमें से कई वो लोग गाते थे पुराने नियम के समय में पर नए नियम के जो गीत है जो ईश्वरीय लोगों ने लिखे हैं वो बहुत ज्यादा प्रेरणादायक है भजन संहिता से भी क्योंकि वह नई वाचा को नहीं जानते थे और इसलिए मैं आपको 2:56 प्रोत्साहित करूंगा कि आप यह करें यह आदत लगाएं कि कुछ ज्यादा चुनौती देने वाले शब्द है किसी गीत के उसको याद कर ले जो हमें याद याद दिलाते हैं ना केवल इस बात के कि हमारे उद्धारकर्ता ने हम वो हमारी देखभाल करेगा पर वो हमें प्रोत्साहन देगा सांत्वना देगा 3:16 परीक्षा में पर यह याद देते हुए कि यह संसार बीत जा बीतने वाला है। उदाहरण के स्वरूप पर यह जो आप याद कर सकते हो। दुनिया और उसकी वाहवाही के लिए मैं मृत हूं। सभी उसके रीति रिवाज फैशन कानूनों के लिए मैं मृत हूं। उन लोगों के लिए मैं मृत 3:30 हूं जो दीन क्रूस से बैर रखते हैं। इतना मर जाना चाहता हूं कि कोई इच्छा मेरे अंदर ना आए। वो अच्छी दिखे या बड़ी दिखे या लोगों के सामने मैं बुद्धिमान सुनूं। सिर्फ मैं अपने प्रभु के आंखों में अच्छा दिखना चाहता हूं। यह शब्द है कई बार 3:45 इन्होंने मुझे चुनौती दी है। कई बार और ऐसे कई अलग शब्द और मैं आपको उनके ऐसे कई शब्दों के विषय में बता सकता हूं। पर हमारे विषय की ओर मुड़ते हुए कैसे हम प्रभु के आगमन के लिए तैयार हो सकते हैं। बहुत-बहुत जरूरी। 4:03 कई वर्षों के लिए लोग बात कर रहे हैं। कौन से चिन्ह है जो प्रभु के आगमन को दर्शाते हैं। अकाल है, भूकंप है। पर आकाल और भूकंप तो इस पृथ्वी पर 2000 वर्ष से होते आए हैं। पर यीशु मसीह ने कहा आखिरी दिन में काफी ज्यादा होंगे। वो सच है। जंग होंगी, 4:23 लड़ाईयां होंगी और लड़ाई की अफवाहएं होंगी और 2000 वर्षों के लिए लड़ाई थी। पर आज बहुत ज्यादा आतंकवाद है इस संसार में। इसके पहले ऐसा कभी नहीं था इन 2000 वर्षों में। इन दिनों में कोई राष्ट्रपति जो है वो बिना सिक्योरिटी का चल नहीं सकता। मुझे 4:39 याद है उन दिनों जब मैं दिल्ली में जीता था। मैं एक जवान था। 15 वर्ष का लड़का था और मैं देखता था राष्ट्रपति जो थे वो वहीं से चल के जाते थे। मेरे सामने कोई सिक्योरिटी नहीं होती थी और यह 1955 की बात है। कितना संसार बदल गया है 4:59 और इसलिए आज बहुत ज्यादा आतंकवाद है और चीजें बुरी हो जा रही है इस क्षेत्र में पर किसी भी बात से अधिक अगर हम देखें कि यीशु मसीह ने खुद क्या कहा जो मूलभूत बात होगी जिसके विषय में हमें सतर्क रहना है प्रभु के आगमन के विषय में वह बहुत अलग है 5:18 और मैं कुछ समय में उसको आपके आपको बताऊंगा पर एक दूसरी बात जो हम पाते हैं प्रकाशित वाक्य की पुस्तक में विशेषकर एक जगह लिखा है प्रकाशित वाक्य में कि एक ऐसे बीमारी मनुष्य जाति पर उंडेल दी गई इस पृथ्वी पर उंडेल दी गई माफ कीजिए कि 5:36 एक तृतीय लोग मर गए उन महामारियों की वजह से आप इसको पढ़ते हो प्रकाशित वाक्य उसके 16वें अध्याय में ऐसे महामारी जो इस पृथ्वी पर आए और मैं आपको बताना चाहता हूं यह जो अभी की महामारी है जो इस संसार पूरा भर गया वैसे इतिहास में संसार के इतिहास इसमें जहां तक 5:55 मेरी जानकारी है ऐसी कोई महामारी नहीं हुई है आज तक जिस इस कोविड-19 के जैसे जिसने पूरे संसार को घेर लिया है। हर एक देश में वो फैली है और लोग मर गए हैं सब जगह। क्या यह एक चिन्ह है कि हम अंत के पास 6:15 नजदीक जा रहे हैं। हम बीमारी में आनंद नहीं मनाते। एक महामारी में हम आनंद नहीं मनाते। जैसे हम अकाल या भूकंप या लड़ाईयों में आनंद नहीं मनाते। पर यीशु मसीह ने कहा कि यह बातें होंगी और अगर आप परमेश्वर के वचन को गंभीरता से लो यद्यपि हम इन बातों में आनंद नहीं 6:32 मनाते हम इन बातों के आगे देखते हैं हमारे उद्धारकर्ता के और जो वापस आ रहा है और जब हम उसके विषय में सोचते हैं सबसे महत्वपूर्ण बात अगर आप एक मसीही हो वह यह है कि आपको तैयार रहना है और ऐसे कई बातें हैं कई जगह हैं जहां यीशु मसीह ने कहा 6:52 सुसमाचारों में और बाइबल में अन्य जगह है जहां प्रेरित चिट्ठियां लिखने वाले बताते हैं कि हर एक व्यक्ति तैयार नहीं होने वाला कुछ लोग बाहर रख रह जाएंगे जब यीशु मसीह आएगा मैं उसी के साथ शुरुआत करना चाहता हूं मति उसका 25 अध्याय 7:11 यीशु मसीह ने कहा ध्यान देकर हम इसको पढ़े मत्त 25 उसका पहला वचन तब स्वर्ग का राज्य उन 10 कुंवारियों के समान होगा। उस कहानी के अंत में पांच जो कुंवारियां 7:29 थी वह उस दूल्हे के साथ अंदर ना जा पाई उस विवाह के लिए वह दरवाजा बंद कर दिया गया। हम पढ़ते हैं 10वें वचन में और उसको याद रखिए और इस बात को याद करते हुए हम अपने आप से प्रश्न करते हैं क्या यह 7:46 पांच कुंवारियां है और पांच वैश्याएं हैं? नहीं वहां 10 कुंवारियां है। प्रकाशित वाक्य 17 और 21 में आप बड़ी वैेश्या बड़ी वैश्या के विषय में पढ़ते हैं। वो है आत्मिक वैश्या 8:05 उसको बेबिलोन कहा गया है। वो एक झूठी मसीहत है या झूठी कलीसिया। जो यह दावा करती है कि उसकी सगाई उसकी मंगनी अपने दूल्हे मसीह के साथ हुई है। पर दूसरे मनुष्य के साथ वह समय बिताती है जो 8:22 संसार है वो है बेबिलोन। अगर आप यह दावा ना करो कि आप मसीह के साथ आपकी मंगनी हुई है तो आप नए जन्म नहीं पाए हो तो फिर आप व्यभचारणी नहीं हो सकते। यह तभी है अगर एक स्त्री की एक पुरुष के साथ 8:42 मंगनी हो चुकी है और फिर वो दूसरे मनुष्य के साथ हो फिर वो एक वैश्या कहलाएगी पर अगर उसकी मंगनी हुई ही नहीं है वो एक कुंवारी है फिर वो किसी के प्रति भी अविश्वास योग्य नहीं है अगर वह किसी और के साथ जाए तो वो अविश्वास योग्य नहीं है आप 8:55 अविश्वास योग्य हो सकते हो मसीह के प्रति सिर्फ तभी अगर आप एक मसीह हो और इसलिए जो मसीह नहीं है गैर मसीह धर्मों में वह कभी विलोन का हिस्सा नहीं हो सकते इस धार्मिक वैश्या का वो हिस्सा नहीं हो सकती क्योंकि उनकी मसीह के साथ मंगनी नहीं हुई है। वो 9:13 यह दावा भी नहीं करते कि मसीह उनका प्रभु है और इसलिए वो जो प्रकाशित वाक्य 17 में जो वचन है बड़ी वैश्या वो विशेषकर उन लोगों के विषय में जो कहते हैं कि वो नया जन्म पाए। नामधारी मसीह लोग भी वहां नहीं है क्योंकि नामधारी मसीह वो सिर्फ नाम के 9:30 लिए आते हैं। वो नाटक कर रहे हैं कि उनका मसीह के साथ उनकी मंगनी हुई है। वैसा नहीं है। पर कुछ लोग जिन्होंने कभी ना कभी अपने जीवन में अपने जीवन को मसीह को दिया और उन्होंने कहा प्रभु यीशु तू मेरा प्रभु है। वो एक मंगनी थी। एक सगाई थी। वो विवाह 9:45 नहीं है। हम प्रकाशित वाक्य 19 में पढ़ते हैं। विवाह तब होगा जब यीशु मसीह वापस आएगा। पर वो एक मंगनी थी। आप क्या सोचोगे एक ऐसे लड़की के विषय में जो लापरवाह होकर किसी मनुष्य से मंगनी करती है और उसकी कोई दिलचस्पी नहीं उससे विवाह करने में। फिर 10:00 वह एक वैश्या कहलाएगी। एक व्यक्ति हम मंगनी को बहुत गंभीरता से लेते हैं। एक जब लड़की कहती है मैं इस पुरुष से शादी करना चाहती हूं तो वो विवाह के प्रति देखती है और जब आपने मसीह को अपना जीवन दिया वो एक सगाई एक मंगनी की तरह था। आपने कहा कि मैं इस व्यक्ति से 10:17 विवाह करना चाहती हूं। और मैं विश्वास योग्य होना चाहता हूं। लोग क्या करते हैं? क्या एक स्त्री करती है? उस सगाई से लेकर विवाह के बीच के समय में वो एक दूसरे से संपर्क में रहते हैं। हर बार क्योंकि वो विवाह के लिए देख रहे हैं। कब उनकी शादी 10:33 होगी? आप यह नहीं देखते कि वो स्त्री दूसरे पुरुषों से बात करती है वो लड़की। वो ज्यादा से ज्यादा समय उसके साथ बात करती है जिससे उसे मंगनी हुई है। और क्या मसीह होने के नाते आपका यह गुण है कि आप ज्यादा हर दिन यीशु प्रभु से बात करने में 10:48 ज्यादा व्यस्त हो और दूसरी आकर्षित बात मतलब जो संसार है उनसे ज्यादा वो है एक चिन्ह कि आप आत्मिक वृति से कहां हो आज और यहां 10 कुंवारियां है उनमें से कोई भी वैश्या नहीं है। पर वह मूर्ख कुंवारियां थी और बुद्धिमान 11:07 कुंवारियां थी और उनमें क्या फर्क था बहुत जरूरी है यह समझना क्योंकि हम आखिरकार पढ़ते हैं पांच जो मूर्ख कुंवारियां थी वह अंदर नहीं प्रवेश कर पाई दरवाजा बंद कर दिया गया और वह बाहर से चिल्लाने लगी हमारे लिए खोल दीजिए मति 25 11 और प्रभु 11:26 उनसे कहता है मैं तुम्हें नहीं जानता इसका मतलब मतलब मेरे पास तुम्हारे साथ यह व्यक्तिगत संबंध नहीं है और यह अलग है जो यीशु मसीह ने कहा मत्त सात में यह इस बात से अलग है मत्त सात 23 में कि मैं तुम्हें कभी नहीं जानता 11:45 यह उन लोगों में आखिरी दिन कई लोग मेरे पास आएंगे प्रभु हमने तेरे नाम से आश्चर्य कर्म किए ये किया प्रचार किया हमने दुष्ट आत्माओं को निकाला और वह कहता है वो यह नहीं कहता कि मैं तुम्हें नहीं जानता वो कहता है मैं तुम्हें कभी नहीं जाना हमें 11:57 बाइबल को ध्यान से पढ़ना है मैं तुम्हें नहीं जानता इसका मतलब तुम्हारे हमारा मेरे साथ संबंध नहीं था। आप बस जाकर प्रचार कर रहे थे, पैसा कमा रहे थे और सारी चीजें कर रहे थे और यशसी के नाम में बड़ा सामर्थ है। पर आपका मेरे साथ वैक्तिक संबंध नहीं 12:12 था। पर यहां यीशु कह रहा है वो यह नहीं कहता कि मैंने तुम्हें कभी नहीं जाना। वो कहता है मैं तुम्हें नहीं जानता। उसमें एक अंतर है, एक फर्क है। एक पीछे फिसला हुआ व्यक्ति है जो पहले कभी उसका 12:27 नया जन्म हुआ था। क्यों? वह पीछे फिसल गया क्योंकि उसने मसीह जीवन को बहुत हल्के से लिया। मैंने प्रभु को स्वीकार किया है। मैं स्वर्ग जाने के लिए तैयार हूं। मुझे दूसरा कुछ करने की जरूरत नहीं। 25 वर्ष पहले मैंने अपना जीवन मसीह को दिया। मैंने 12:43 एक डिसीजन कार्ड पर हस्ताक्षर किए। मैं कलीसिया बार-बार जाता हूं। ऐसे कई लोगों ने किए हैं जो बहुत पीछे बड़े पीछे फिसलने वाले आज इस पृथ्वी पर हो सकते हैं। बैक स्लाइडर्स हो सकते हैं। यहां लिखा है एक मुख्य फर्क हमें यह समझने की जरूरत है। 12:59 क्या था जिसकी वजह से एक समूह तैयार था और दूसरा समूह तैयार नहीं था। मैं एक और बात बताना चाहता हूं। मैं आगे जाने से पहले एक बात मैं पाता हूं बाइबल में कुछ सत्य जो है वह बार-बार दोहराए गए हैं। बार-बार बार-बार दोहराए गए क्योंकि वह 13:15 सत्य बहुत ही जरूरी है। देखिए क्यों चार सुसमाचार है? क्या एक सुसमाचार काफी नहीं था? और क्यों ऐसा है कि कोस का जो पत्र है वह इफेसिस के पत्र से काफी मेल खाता है। 13:33 क्यों कुछ बातें दोहराई गई है बाइबल में? क्यों दो बार लिखा गया एक बार याकूब में और एक बार पहले पत्रस में कि परमेश्वर दीनों को नम्र देता है। जो नम्र है उन्हीं को अनुग्रह देता है और विरोध करता है घमंडियों का। वो सत्य है। क्यों दो बार 13:50 लिखना है बाइबल में उसको? बाइबल को लोग पढ़ते हैं। उसको कई बार लोग पढ़ते हैं। फिर क्यों आपको कुछ दोहराने की जरूरत है? एक ऐसी पुस्तक जिसको बाइबल जिसको लोग कई बार पढ़ते हैं। परमेश्वर को फिर भी लगा यह जरूरी है कि कुछ बातें दोहराई जाए। 14:07 वो दृष्टांत जो 5000 लोगों को खाना खिलाना वो चार बार दोहराया गया है। क्यों? क्या एक बार काफी नहीं था? और इसलिए तुच्छ ना जाने दोहराए जाने को। जो भविष्य वक्ता थे पुराने नियम के वह उनके संदेश को दोहराते थे। यीशु मसीह अपने 14:25 संदेश को दोहराता था कई बार और मैं मैंने अपने संदेशों को दोहराया कई बार और मैं उसके लिए माफी नहीं मांगता। वही भविष्य वक्ताओं ने क्या किया यीशु मसीह ने किया और वही मैं करता हूं। पर ऐसे कई प्रचारक हैं जो डरते हैं वही बात वही प्रचार को 14:44 दूसरी बार करने से क्योंकि वह अपनी जो प्रसिद्धि है उससे प्रेम करते हैं लोगों से भी अधिक वो चाहते हैं कि लोग सोचे अरे यह व्यक्ति कितना महान प्रचारक है वह हमेशा एक नया प्रचार करता है मुझे कोई एक छोटा भी मेरी इच्छा नहीं है मनोकामना नहीं है ऐसी 15:02 प्रसिद्धि प्राप्त करने के लिए मैं चाहता हूं कि लोग ईश्वरीय बने और उसके लिए अगर अगर मुझे वही बात को 10 बार कहना पड़े तो मैं 10 बार कहूंगा। अगर 20 बार कहना पड़े तो मैं 20 बार कहूंगा। क्योंकि मेरा उद्देश्य यह नहीं है कि मैं 15:16 लोगों के सामने एक छवि बनाऊं कि मैं अच्छा प्रचारक हूं। जो नई बातें प्रचार करता है। मेरा उद्देश्य मेरे जीवन में परमेश्वर का सेवक होने के नाते कि लोग एक ईश्वरीय जीवन जिए और परमेश्वर के आगमन के लिए तैयार हो। यीशु मसीह के आगमन के लिए वह ज्यादा जरूरी 15:29 है और मैं उसको यहां कह रहा हूं क्योंकि कई बातें हैं उदाहरण स्वरूप दूसरे मसीह के दूसरे आगमन के विषय जो मति मार्क और लूक में दोहराई गई है दो बातें हैं लूक में जो दोहराई गई है लक 17 और लूक 21 और मत्त 24 15:46 25 में मार्क में 13 अध्याय में कई बार बातें सेम सेम बातें क्योंकि प्रभु चाहता है कि हम बार-बार बार-बार बार-बार उसको सुने और जो हम यहां देखते हैं यह पांच कुंवारियां 16:04 वो अपने साथ अधिक तेल नहीं ले गए। उन्होंने भविष्य की तैयारी नहीं की। उन्होंने यह नहीं समझा कि दूल्हा शायद काफी लंबे समय के लिए नहीं आएगा। तो हम यहां क्या देखते हैं? सारे 10 जो कुंवारियां थे उनके पास एक 16:24 मशाले थी जो जल रही थी सबके पास सबों के पास और वह क्या बात दर्शाता है आपके ज्योति को मनुष्यों के सामने इस प्रकार चमकने दे ताकि वह आपके अच्छे काम को देखें आपके जीवन को देखें और आपके पिता को महिमा दे जो स्वर्ग में है। सारे 10 के पास यह 16:39 था। हम जानते हैं क्योंकि 10:30 के पास था। क्योंकि जब दूल्हा आया वह मूर्ख कहने लगी आठवें वचन में हमारे मशाल बुझ जा रही है तब तक वह जल रही थी और दूल्हा आने के 16:55 थोड़े ही समय पहले वो मशाले बुझ गई उनके पास तेल नहीं था उस मशाल में और वहीं जो बुद्धिमान कुरारिया थी उन्होंने तेल निकाला जो उनके पास था जो कोई नहीं देखता था वह छिपा हुआ था और उन्होंने मसालों में 17:13 डालकर वह मशाल जलती रही। हम यहां दो बातें देखते हैं। एक मशाल और तेल तेल की एक डिब्बी कुप्पी। तेल जो है वह छिपा हुआ होता है पर मशाल सबको दिखता है। वो एक बाहरी जीवन है और यह एक अंदरूनी जीवन है। छिपा हुआ जीवन जो लोग नहीं देख पाते। वो 17:31 तेल की कुप्पी जो समझदार कुंवारियां थी उनके पास वो तेल की कुप्पी है। छिपा हुआ जीवन तेल ये पवित्र आत्मा का एक चित्र है। एक छिपा हुआ जीवन पवित्र आत्मा के प्रति आज्ञाकारिता जो कोई नहीं देखता। एक तेल की कुप्पी जो कहीं उनके ड्रेस के 17:50 पॉकेट में छिपी हुई है। जो दृश्य है मशाले वह सब देख पाते हैं। मेरे प्रिय भाई और बहनों आप और मैं आपका एक दृश्य जीवन है जो लोग देख पाते हैं। और अगर वह ध्यान देकर सुनिए। 18:07 अगर वह ज्यादा शुद्ध है आपके अंदरूनी जीवन से तो फिर एक शब्द है जो आपका व्याख्या देता है पाखंड कपटी मैं किसी का भी अपमान नहीं करना चाहता आप में से पर मैं आप अपने बुलाहट के प्रति सच्चा रहना चाहता हूं कि 18:25 परमेश्वर का सेवक जो सच कहता है मैं परमेश्वर के प्रति जवाबदेह होऊंगा अगर मैं आपको सत्य नहीं बताऊंगा तो अगर आपका छिपा छुपा हुआ जीवन वो आपके बाहरी जीवन से मेल नहीं खाता। 18:43 जो आपने लोगों के सामने एक प्रसिद्धि को प्राप्त किया है। प्रतिष्ठा को प्राप्त किया है कि आप एक अद्भुत मसीह हो। एक ईश्वरीय व्यक्ति हो और आपका अंदरूनी जीवन बहुत अलग है क्योंकि कोई नहीं देख सकता। आपकी पत्नी भी उसको नहीं देख पाती। आप एक 18:56 कपटी हो पाखंडी हो। और जो पाखंडी या कपटी शब्द है हिपोक्रेट वह एक ग्रीक यूनानी शब्द से आता है जिसका मतलब है अभिनेता नाटक करने वाला जो नाटक करता है ऐसे मूवीज होते हैं जहां बड़े-बड़े हॉलीवुड के जो अभिनेता होते हैं वो मूसा 19:14 का एक्टिंग करते हैं पर सच्चे जीवन में शायद वह दारू पीने वाला होगा वो दो-तीन बार उसने तलाक किया है बहुत अनैतिक जीवन जीता है पर जब वो आता है शूटिंग के लिए जहां फिल्म बना रही है वह मूसा है पवित्र व्यक्ति परमेश्वर का पवित्र बात करता है। 19:30 पवित्र नाटक करता है। पर वह सिर्फ कुछ घंटों के लिए जहां वह शूटिंग चलती है। फिर वो वापस जाता है घर के लिए वापस उसकी पुरानी पियकड़पने के प्रति अनैतिक जीवन और अगले दिन जब शूटिंग शुरू होती है फिर एक बार वो मूसा है। इसको कहते हैं नाटक करना, 19:48 एक्टिंग करना। आप जानते हो उसको और जब एक मसीह उसका सबसे अच्छा परफॉर्मेंस नाटक करता है जब वो कलीसिया में जाता है जब वो बाकी विश्वासियों से मिलता है और बहुत अलग व्यक्ति है जब वो उसकी पत्नी से कैसे बात 20:05 करता है घर पे या दूसरे स्त्रियों से जब वो मिलता है वह कैसे जो जब उसकी पत्नी नहीं देखती उसको दूसरे स्त्रियों से बात करता है वो छुपा हुआ है और उससे भी अधिक वह क्या देखता है गुप्त उसके फोन पर उसके कंप्यूटर पर जब वो अकेला है पोर्नोग्राफी अश्लील चीज है जो 20:23 कोई नहीं देख रहा सिर्फ परमेश्वर और शैतान और स्वर्गदूत और शैतान और जो दुष्ट आत्माएं हैं वो ठट्ठा उड़ाते हैं कि यह मनुष्य तो मसीह है देख प्रभु आप देख रहे हो वो क्या देख रहा है वो दावा करता है वो मसीह है कंप्यूटर पर वो क्या देख रहा है 20:37 क्या आप जानते हो कितनी लज्जा मसीह लोग परमेश्वर के नाम को लाते हैं जब शैतान ठट्टा उड़ाता है उनके परमेश्वर के सामने जब वो पोर्नोग्राफी अश्लील बातें देखते हैं गुप्त में जब वो वो दूसरे स्त्रियों से कुछ गलत कर रहे हैं या दूसरे स्त्रियों 20:51 के लिए लालसा कर रहे हैं गुप्त में और शैतान वो दिखाता है परमेश्वर को क्योंकि बाइबल बताता है प्रकाशित वाक्य 12 में वो भाइयों पर दोष लगाने वाला है प्रकाशित वाक्य 12 10 वो भाइयों पर परमेश्वर के सामने दोष लगाता है दिन रात क्या आपने सुना है फुल टाइम काम करने वाला 21:11 ऐसे कई मसीह कहते हैं क्या हम फुल टाइम सेवा में हैं पूर्ण काल समय में मैं बताता हूं सच्चा फुल टाइम वर्कर वो शैतान है प्रकाशित वाक्य 1210 दिन रात वो फुल टाइम इस व्यवसाय में है कि लोगों पर दोष लगाए परमेश्वर के सामने और वो परमेश्वर को झूठ नहीं कह सकता जब लोग आप 21:29 पर दोष लगाए तो वो शायद झूठ कह सकता है अरे यह भाई ने यह किया यह बहन ने यह किया और वो शायद सत्य नहीं होगा पर जब परमेश्वर के सामने जब शैतान परमेश्वर के सामने झूठ नहीं कह सकता। जब वो कहता है इस इस बेटे ने आपके यह किया है तो वो सच कह रहा है। 21:46 वह कहता है परमेश्वर क्या तो देख सकता है यह व्यक्ति अभी वह क्या कर रहा है अभी अभी देखो देखो वो क्या देख रहा है उसके कंप्यूटर पर या उसके फोन पर वह क्या देख रहा है परमेश्वर क्या कह सकता है क्या परमेश्वर कहेगा अरे वह तो मेरा बच्चा है 21:58 वो यह कर सकता है बिल्कुल नहीं परमेश्वर ऐसा कभी नहीं कहेगा परमेश्वर एक धर्मी पवित्र परमेश्वर है और अगर कोई अधर्म है आपके जीवन में मैं आपको बताना चाहता हूं परमेश्वर उसको नजरअंदाज नहीं करेगा और अगर एक गहरा मन मन फिराओ नहीं है आपके 22:16 जीवन में यद्यपि आप फिसल जाओ मसीह लोग फिसल सकता है विश्वासी पर जब वो फिसल जाते हैं एक गहरा मन फिराओ अगर वो गहरा मन फिराओ नहीं है तो मैं आपको बताना चाहता हूं मेरे प्रिय भाई और बहन आप सचमुच नया जन्म नहीं पाए हो शायद आपने इसके पहले 22:32 किसी व्यक्ति से नहीं सुना पर आप मुझसे आज सुन रहे हो अगर अगर एक गहरा मन फिराव नहीं है आपके जीवन में उस पाप के लिए जिसमें आप गिर रहे हो गिर रहे हो या जिसमें आप गिर रहे हो बार-बार बार फिर आप पाप के साथ ऐसा ही खेल रहे हो। परमेश्वर से आप खेल रहे हो 22:50 और आपको बहुत बड़ा आश्चर्य बढ़ेगा जब आप मसीह आएगा आप वहां नहीं रहोगे और मेरी जरूरत है कि मैं आपको यह बताऊं और उस दिन मुझे यह मत कहना कि मैंने आपको सतर्क नहीं किया था। मैंने ऐसा कई लोगों को कहा है जिन कलीसियाओं में मैं प्रचार 23:05 करता हूं। पिछले 45 वर्षों के लिए हमारे अलग-अलग देशों में कलीसिया रही है और मैंने प्रचार किया है इसी बात पर और मैंने कहा ध्यान दीजिए अगर आप मुझे बार-बार सुनेंगे मैं आपको एक बात की गारंटी देता हूं और अगर आप उसको गंभीरता से लो तो मैं आपको गारंटी 23:20 देता हूं आश्वासन देता हूं प्रभु के आगमन के लिए आप तैयार होगे 2000 मेरे प्रचार है YouTube पे आप सुनिए आप प्रभु के आगमन के लिए तैयार रहोगे पर अगर आप उसको हल्के में लोगे और उससे मूर्ख बनोगे तो आप तैयार नहीं रहोगे और उस दिन आप यह नहीं कह सकते 23:35 हो अरे अरे मैं सीएफसी जाता था। मैं भाईजैक के चर्च में जाता था। उसका कोई मूल्य नहीं होगा। उस दिन क्या आपको जानना है योहना बपतिस्मा ने फरियों को क्या कहा? आप कहते हो अब्राहम आपका पिता है। तो क्या अगर आप मन फिराव नहीं करोगे तो आपका विनाश 23:49 होगा। वही मैं भी कहता हूं। और इसलिए मेरे प्रिय भाइयों और बहनों मैं किसी के ऊपर दोष नहीं लगाना चाहता। परमेश्वर ने उसके बेटे को संसार में इस वजह से नहीं भेजा कि इस संसार पर दोष लगाया जाए और मैं जाकर लोग किसी पर भी दोष नहीं लगाता क्योंकि मैं परमेश्वर नहीं 24:07 हूं। सिर्फ परमेश्वर का पास न्याय करने का हक है, अधिकार है। परमेश्वर इकलौता न्यायाधीश है। पर मेरी यह जिम्मेदारी है कि मैं सत्य को प्रचार करूं और पवित्र आत्मा आपको यह महसूस करवाएगा। अगर पवित्र आत्मा आपको कुछ महसूस करवा रहा है तो आपको 24:21 उसको प्रतिक्रिया देनी है। प्रति उत्तर देना है। अगर पवित्र आत्मा आपको कुछ भी महसूस नहीं करवा रहा तो शायद आप इतने असंवेदनशील हो गए हो कि एक कठोर शब्द ताड़ना का सुधारना का आप उससे सुधार नहीं प्राप्त कर सकते। शायद आप इतना पाप के साथ 24:35 खेल रहे हो कि परमेश्वर का वचन वो आपको आज आपकी गलती का एहसास नहीं दिलाता। ऐसे लोग यह समझते हैं कि उनको कोड हो गया है। एक दिन बहुत जलता हुआ उबलता हुआ पानी उन पर गिरता है उनके हाथ पर और उनको कुछ महसूस नहीं होता। 24:53 उबलता गर्म पानी उनके हाथ पर गिरता है और वह उसको महसूस नहीं करते और वह कहते हैं ऐसा क्यों? वह जाकर टेस्ट करते हैं और वह पाते हैं कि वह उनको कोड हुआ है। उनकी संवेदनशीलता चली गई है। उनके उस हाथ के उस उनकी चमड़ी पर। 25:11 और इसलिए कोड यह पाप का चित्र है बाइबल में। और जब मैं कुछ गलत कर सकता हूं जो आप जानते हो वह गलत है। आपका विवेक आपको बताता है वह गलत है। आप उसको करते समय आप जानते हो यह गलत है। आप उसको देखते वक्त आप जानते हो गलत है। आप उन शब्दों का 25:27 प्रयोग करते वक्त जानते हो यह गलत है। जब आप पत्नी से बात कर रहे हो पर फिर भी आप उसके प्रति आपको बुरा नहीं लगता। आपको डिस्टर्ब नहीं होता। कोड आ चुका है और अगर आप उसको तुरंत सही नहीं करोगे तो वह ज्यादा बुरा और बदतर होते जाएगा। उसकी 25:44 ट्रीटमेंट जल्दी लेनी चाहिए। हर दूसरे बीमारी के जैसे जितने जल्दी आप उसका ट्रीटमेंट करोगे उसका इलाज करोगे उतना अधिक यह संभावना है कि आप चंगे हो जाओ। तो इन मूर्ख कुंवारियों के साथ क्या गलत था? परमेश्वर के साथ गुप्त में उनका एक जीवन 26:00 नहीं था। जब आप सोचते हो मसीह के आगमन के लिए तैयार होना वह पहली बात है मैं जो कहूंगा आपके छिपे हुए जीवन पर ध्यान दें। आपका छिपा हुआ जीवन क्या है? आपका बाहरी जीवन वह आपके काम है। आपके शब्द है। 26:17 जो लोग सुन पाते हैं। आपका छिपा हुआ जीवन उसके दो भाग है। एक है दूसरे लोगों से अलग जो आप आपके घर में कैसे बर्ताव करते हो। मसीह का सच्चा शिष्य यीशु का सच्चा शिष्य वह उसी तरीके से बात 26:35 करेगा बिल्कुल कृपा से युक्त उसके पत्नी के साथ या उसके पति के साथ जैसे वह किसी अजनबी से बात करता है या दूसरे विश्वासी से बात करता है बिल्कुल कृपा से अगर वो कृपा उसके नहीं है उसके बात करने में उसके घर पर तो उसके मसीहत के 26:53 साथ कुछ गलत है वो एक पाखंडी है कपटी है वो लोगों के सामने एक छवि तैयार करना चाहता है कि वो एक अच्छा संत है बड़ा संत संत है और घर पर जहां उसको कोई फर्क नहीं पड़ता उसकी पत्नी क्या सोचती है या उसकी पति उसके विषय में क्या सोचती है तो वह 27:07 अलग व्यक्ति है यह मूर्ख कुंवारी है मैं आपको बताना चाहता हूं यह या उसके काम करने के जगह जहां कोई विश्वासी नहीं है और उसको कोई फर्क नहीं पड़ता लोग वहां क्या सोचते हैं क्योंकि लोग जानते भी नहीं कि वो मसीह का शिष्य है और इसलिए उसको फर्क नहीं 27:21 पड़ता कि वो कैसे बर्ताव करता है। पर कलीसिया में लोगों के सामने वह बहुत सर्क होता है और यह एक क्षेत्र है जहां हम गंभीरता से अपने आप का न्याय कर सकते हैं। आप परमेश्वर के आगमन के लिए तैयार होना चाहते हो तो सोचिए कपटी पाखंडी एक नाटक करना 27:40 लोगों के सामने नाटक करना और असल में तो आप बहुत अलग हो तो क्या हुआ जब दूल्हा आया उनके पास अधिक तेल नहीं था और दूल्हा आया उनकी मशाले जल बुझ चुकी थी और दरवाजा बंद हो गया और फिर मत्त 25 111 में लिखा है वो कहता है हे स्वामी हे स्वामी हमारे लिए 27:58 द्वार खोल दे वो कहता है मैं तुम्हें नहीं जानता और इसलिए यीशु कहता है इसलिए जागते रहो तेरा वचन मत्त 25 13 क्योंकि तुम ना उस दिन को जानते हो ना उस घड़ी को और मैं एक और बात कहना चाहता हूं इसी संबंध में अगर आप एक पवित्र जीवन जीना चाहते हो 28:14 सिर्फ इस वजह से कि आपको लगता है यीशु मसीह कभी भी आएगा फिर वो सही उद्देश्य नहीं है पवित्र होने के लिए सही मकसद नहीं है यह एक ऐसे लड़की के जैसे जिसकी सगाई हुई है एक मनुष्य के साथ वो पुरुष किसी दूर देश में गया वो कहता है मैं वापस आकर तुझसे विवाह करूंगा 28:33 ूंगा और वो सिर्फ इस वजह से विश्वास योग्य है उसके प्रति वो नहीं जानती वो कब आएगा और जब वो आता है वो नहीं चाहता कि वो किसी और पुरुष के साथ पाई जाए वो सच्ची विश्वास योग्य दुल्हन नहीं है एक सचमुच विश्वास योग्य दुल्हन उसको कोई 28:50 फर्क नहीं पड़ेगा अगर वो सुनता है वो जानता है या नहीं मुझे विश्वास योग्य रहना है मेरे उस दूल्हे के प्रति जो यहां नहीं है मैं किसी और पुरुष के साथ नहीं जाऊंगी और यीशु मसीह का सच्चा शिष्य वो हमेशा यत्न करेगा कि वह विश्वास योग्य 29:04 रहे। शायद मसीह आए। अगर आपको मालूम होता कि मसीह 100 साल बाद आएगा। आप कैसे जिओगे अगले 100 साल? मैं मेरे लिए कहूंगा वैसे ही जैसे मैं अगर जानता कि मसीह कल इस दोपहर में आने वाला था। आज दोपहर में आज शाम को या आज रात कोई फर्क नहीं होता मेरे जीवन में। मैं 29:23 परमेश्वर के सामने यह कह सकता हूं। अगर मैं जानता कि यीशु मसीह आ रहा है आज आज रात या मैं जानता कि वो 100 साल बाद आने वाला है। कोई फर्क नहीं पड़ता मेरे जीने में क्योंकि मेरे पवित्रता उसका कोई संबंध नहीं है। अरे मैं यह नहीं चाहता कि मसीह 29:38 मुझे पाप में पाए। उस मेरे अंदर एक शुद्धता की इच्छा है। जब आप देख लेते हो पाप क्या है? मेरे पाप की व्याख्या यह है। व्याख्या यह है। एक सीवर में कूदना, एक गटर में कूदना। क्या आप जानते हो गटर क्या है? जब आप आपके टॉयलेट को फ्लश करते हो वह सारी गंदगी जहां जाती 29:57 है वो उसको कहा जाता है सीवर और पाइप जो होते हैं रास्ते के नीचे जाते हैं और यह सारी गंदगी वहां जाती है और किसी गंदे नाले में उसको डाल दिया जाता है। क्या आप सोचोगे ऐसे नाले में कूदना सिर्फ उस गंदगी में कूदना ही नहीं कोई गलती से गिर सकता 30:15 है। पाप गलती से करना इसका मतलब है गलती से उस गंदे नाले में गिरना। पर सोच कर देखिए कि वह गंदा नाला आप देखते हो उसमें खुद कूदते हो। कूदना ही नहीं बल्कि वही जीना। क्या यह एक नॉर्मल व्यक्ति है? साधारण व्यक्ति है या यह मूर्ख है, पागल है। पर 30:31 ऐसा ही है जब संसार के लोग हैं। पर वो यह नहीं समझते कि यह गंदा नाला है। पर हम क्या कहे जब मसीह लोग ऐसे जीते हैं। यह कहते हैं अरे कोई मुझे देख नहीं रहा। सोच कर देखिए एक मनुष्य जो गंदे नाले में वो कहता है कोई मुझे नहीं देख रहा। इसलिए अगर 30:46 मैं इस नाले में पड़ा हूं तो क्या फर्क पड़ता है? कुछ गलत है ऐसे व्यक्ति के साथ। और इसलिए मैं आपको कहना चाहता हूं सबसे पहले मसीह के आगमन के लिए तैयार होना। अगर यह विचार आपके मन में है कोई मुझे नहीं देख रहा है यह करते समय कोई नहीं जान 31:02 देखता कि मैं ऐसे बात कर रहा हूं। फिर आप उस गटर में हो, गंदे नाले में हो। क्योंकि आप सिर्फ इसी बात के विषय में चिंतित हो कि लोग आपको देखते हैं कि नहीं। आप मनुष्य का भय रखते हो परमेश्वर से भी अधिक। और मैं मैं माफी चाहता हूं कहने के लिए कि कई लोग 31:19 कई मसीह जिनको मैं मिला हूं वह परमेश्वर से अधिक मनुष्य से डरते हैं। इसलिए परमेश्वर उनसे बात नहीं कर सकता। परमेश्वर उनका उपयोग नहीं कर सकता। और यह आपकी बड़ी इच्छा होनी चाहिए। शायद आपकी यह बुलाहट नहीं है कि आप शिक्षक बनो या प्रेरित बनो या भविष्यवक्ता हो। ये एक 31:35 विशेष बुलाहट है। कुछ लोगों को देता है। इस वजह से नहीं कि वो ज्यादा पवित्र है। ये परमेश्वर की सर्वसत्ता का एक चयन है। वो कहता है कि पौलुस प्रेरित बनेगा। शायद यरूशलेम एक विधवा होगी। वो पौलुस के इतनी पवित्र होगी। पर उसका प्रेरित होने के लिए 31:49 उसकी बुलाहट नहीं है। वो परमेश्वर की सर्वसत्ता का एक वो चुनता है। शायद आप शिक्षक नहीं भविष्यवक्ता नहीं प्रेरित नहीं। पर हम में से हर एक की बुलाहट है पवित्र होने के लिए। और हमारी इच्छा होनी चाहिए प्रभु मैं आपको प्रसन्न करना चाहता 32:02 हूं। हर समय हर समय मैं देखता हूं आप मुझे देख रहे हो हर समय मैं आपके उपस्थिति में जीना चाहता हूं। प्रभु मैं आपको कहना चाहता हूं प्रभु के परमेश्वर के परिस्थिति में जीने का एक चिन्ह यह मेरे लिए एक परीक्षा रही है। मैं वही प्रचार करता हूं जो मेरे जीवन में सच 32:19 रही है। और मैं एक बात यह भी कहना चाहता हूं। एक अंगीकार मेरे मसीह जीवन के पहले 16 वर्षों के लिए जब मैंने नया जन्म पाया उसमें से काफी समय मैं खुद एक पाखंडी एक कपटी था। नाटक करने वाला अभिनेता था। मेरा नया जन्म हुआ जब मैं 19 वर्ष का था। 32:35 पहले 16 वर्षों के लिए ऊपर नीचे ऊपर नीचे मेरे अनुभव थे। ज्यादातर समय मेरे मसीह जीवन के शुरुआती दिनों में मैं बहुत गंभीर था। जब मेरा नया जन्म जस्ट हुआ था। पहले पांच छ साल में मैं बहुत गंभीर था। पर उसके बाद मैंने अपनी नौकरी छोड़ दी और मैं 32:49 प्रभु की सेवा कर रहा था। और मैं प्रसिद्ध हो गया एक प्रचारक के नाम से और फिर उस पाखंड और कपट की शुरुआत हो गई। लोगों के सामने छविना कि लोगों के सामने अलग जीवन मैं कोई गंभीर पाप में नहीं था। किसी स्त्री से गलत व्यवहार या पैसे के साथ ऐसा कुछ नहीं। पर मेरे विचार 33:07 के जीवन मेरा निजी जीवन मेरा गुस्सा घर पर मैं उन बातों को गंभीरता से नहीं लेता था। पर मैं कहता था मैं यीशु मसीह के पास आ सकता हूं। वो मुझे क्षमा करेगा। क्योंकि मैं नहीं जानता था कि सच्ची ईश्वरीयता क्या है। मैं एक छवि बनाना चाहता था। मैं एक 33:23 अभिनेता था। पर वो आज मेरे जीवन से चले गया है। मेरे जीवन से 45 वर्ष के लिए गायब हो गया है। मैं सिद्ध नहीं हूं। मैं मसीह के जैसा नहीं बना हूं। पर कोई एक्टिंग नहीं है। कोई नाटक नहीं है। जो आप देखते हो मैं वही हूं। हर समय वही आपको यह कहने की कह पाना चाहिए। 3 33:41 वर्ष आपको सिद्ध होने का नाटक नहीं करना है। 3 वर्ष के व्यक्ति को नाटक नहीं करना पड़ता है बालक को कि वह प्रॉड है या 100 मीटर वो 10 सेकंड में भागता है। नहीं नहीं कोई दिखावा नहीं। कोई पाखंड नहीं पर वह नाटक नहीं कर रहा। कुछ दिखावा नहीं कर 33:54 रहा। कोई घमंड नहीं कर रहा है। ऐसी बात की जो सच नहीं है। अब मैं आपको बताना चाहता हूं पिछले 45 वर्ष के लिए जब परमेश्वर ने मुझे पवित्र आत्मा से भर दिया। उसने मेरे जीवन को बदल दिया। मैं इतना थक गया था अपने हारे हुए जीवन से और मैंने कहा प्रभु कुछ करो मेरे लिए। मैं 34:13 आपसे एक बात मांगता हूं। मुझे पवित्र आत्मा से भर दो। और मैं जानूंगा कि मैं पवित्र आत्मा से भर गया हूं। तब नहीं जब मैं सिद्ध होता हूं। क्योंकि सिद्धता तभी आती है जब मसीह आता है। पर जब मेरा बाहरी जीवन बिल्कुल मेरे अंदरूनी जीवन से मेल 34:30 खाए कि मैं वही प्रचार करता हूं जो मैं खुद उसका अभ्यास करता हूं और मेरा अंदरूनी सोच का जीवन मैं किसी के भी सामने खोल रख सकता हूं। आकर देखिए मेरे बैंक अकाउंट को मेरे पैसे के मामलों को आकर देखिए मैं क्या कर रहा हूं। मैं अपने सारे टैक्सेस को 34:46 बिल्कुल धर्म से देता हूं। शत प्रतिशत आकर देखिए। जांच के देखिए। मैं एक मसीह हूं। मैं एक फंसाने वाला धोखेबाज नहीं हूं। और मेरे साथ घर पर आकर जिए। देखिए मैं अपने पत्नी से हर दिन कैसे बात करता हूं। कोई दिखावा नहीं, कोई पाखंड नहीं। और आप 35:02 क्या देखते हो? अगर मैं कोई गलती करता हूं, मैं तुरंत माफी मांगता हूं। वह बात है। सिद्धता नहीं। पर तुरंत बातों को सही करना। मैं लोगों को बताता हूं। आप कभी नहीं कह पाओगे। आप कितने भी मजबूत हो जाओ, कितने भी बड़े हो जाओ कि मैं कभी फिसल कर 35:16 नहीं गिरूंगा। आप केले के छिलके पर फिसल के गिर सकते हो रोड पर। पर आप क्या करते हो जब आप फिसलते हो? आप उठ जाते हो। वैसा ही एक सच्चा मसीह है। वो गिरते हैं वो उठ जाते हैं। उनमें कोई पाखंड नहीं होता। यहां एक बहुत अच्छा वचन है। 35:34 याद रखने के लिए यह जानने के लिए हम परमेश्वर की उपस्थिति में है या नहीं। मेरे लिए कम से कम यह परीक्षा है। भजन संहिता 16 उसका 11वा वचन तेरे निकट या तेरे चरणों में आनंद की भरपरी है। यह एक अद्भुत वचन है। प्रभु तेरे उपस्थिति 35:52 में आनंद की भरपूरी है। और मैं अपने आप से कहता हूं मैं जानता हूं कि मैं प्रभु की उपस्थिति में हूं। जब मेरे हृदय में आनंद है। अगर आनंद मेरे हृदय से निकल जाता है। फिर मैं प्रभु की उपस्थिति में नहीं हूं। 36:11 क्योंकि प्रभु की उपस्थिति में आनंद की भरपरी है। कोई भी जो शिकायत करता है, कुड़कुड़ कुड़कुड़ाता है, वह प्रभु की उपस्थिति में नहीं है। और वह एक छोटी परीक्षा है। और फिर एक बार आते हुए जब यीशु मसीह ने कहा मत्ति 25 में 24 अध्याय में माफ 36:28 कीजिएगा जब लोगों ने यीशु मसीह से पूछा। क्या चिन्ह होगा तेरे आने के? मति 24 उसका तीन। पहला चिन्ह जो यीशु मसीह ने बताया यह एक बात जिसके विषय में मैं आपको चेताना चाहता हूं सावधान रहो कोई तुम्हें भ्रमाने ना पाए धोखा ना देने पाए 36:47 उसने अकाल या लड़ाईयां और भूकंप के विषय में नहीं कहा वो बाद में कहता है हां भूकंप होंगे हां लड़ाई उनके अफवाहएं होंगे और अकाल होंगे वो सब होगा सातवें वचन में पर पहली बात क्या है लड़ाईयां नहीं और 37:04 अकाल नहीं भूकंप नहीं जो लोग सोचते हैं आप औसत मसीह से पूछो यीशु मसीह ने क्या बताया आखिरी दिनों में कहा कई लोग कहेंगे कि अकाल और भूकंप और लड़ाईयां पर यीशु मसीह ने यह बात नहीं कही पहली मत्त 24 में उसने तीन में चार में कहा देखिए कि कोई तुम्हें 37:20 भरमाने ना पाए धोखा ना देने पाए धोखा यह पहले चिन्ह है अंतिम दिनों का यीशु मसीह के आने के तुरंत पहले और फिर उसने दोहराया 11वें वचन में बहुत से झूठे भविष्यवक्ता उठ खड़े होंगे और बहुतों को भरमाएंगे फसाएंगे और फिर एक बार 24 वचन में 25 वचन 37:38 में क्योंकि झूठे मसीह झूठे भविष्यवक्ता उठ खड़े होंगे बड़े चिन्ह और अद्भुत काम दिखाकर फसा भरमा देंगे। तीन बार वह कहता है भरमाने के विषय में, फंसाने के विषय में, धोखे के विषय में। कितने बार? अकल और भूकंप के विषय में उसने कहा। एक बार क्यों 37:51 मुख्य बात जो यीशु मसीह ने कही वो कई लोगों के मन से निकल गई है। शैतान नहीं चाहता कि लोग जाने कि वह उनको फंसाने वाला है, धोखा देने वाला है। अंतिम दिनों में या मेरे साथ निकालिए जो प्रेरित कहते थे पहले तमतस में 38:10 उसका चौथा अध्याय आत्मा स्पष्टता से कहता है आने वाले समयों में मतलब अंतिम दिनों में पहला तिमती चार एक कितने लोग सत्य से गिर जाएंगे मतलब वो नए भय जाएंगे वो नए जन्म पाए हुए मसीह है 38:29 वो अविश्वासी नहीं है वो नामधारी मसीह नहीं है वे विश्वास में आए हैं और वो विश्वास से भाग जाएंगे वो गिर जाएंगे और पौलुस पवित्र आत्मा ने क्या कहा स्पष्टता से वो कैसे विश्वास से भाग जाएंगे कितने लोग भरमाने वाली आत्माओं और दुष्ट 38:46 आत्माओं की शिक्षाओं पर मन लगाएंगे। पौलुस कहता है शत प्रतिशत यीशु मसीह के जैसे कि अंतिम दिनों का एक गुण यह होगा धोखा भरमाना और भरमाने वालों को कहा है दुष्ट आत्माओं की शिक्षा है। यहां दुष्ट आत्माओं की एक शिक्षा मैं 39:04 बताना चाहता हूं। ध्यान से सुनिए। अगर आपने मसीह को एक बार स्वीकार कर लिया तो कोई फर्क नहीं पड़ता। आप कैसे भी जियो आप फिर भी मसीह के राज्य में प्रवेश करोगे परमेश्वर के राज्य में आप फिर भी प्रभु के साथ होंगे अनंत काल के लिए ठीक है हम उसको 39:20 बाइबल से तुलना करके देखेंगे यहां बाइबल यह कहती है इब्रानियों की पत्री उसका तीसरा अध्याय 14 वचन इब्रानियो तीन 14 यहां लिखा है पवित्र आत्मा यहां लिखता है इब्रानियो तीन 14 39:39 क्योंकि हम मसीह के भागीदार हुए हैं। कब? आप कैसे मसीह के भागीदार होते हो? उसके शरीर के भाग कब बनते हो? अगर एक बड़ा यदि लिखा है। यदि यदि हम अपने प्रथम भरोसे पर अंत तक दृढ़ता से 39:58 स्थिर रहे। जब से हमारा नया जन्म हुआ हम दृढ़ता से उसको पकड़े रहते हैं। थामे रहते हैं। अंत तक फिर हम मसीह के भागीदार बनते हैं। ऐसे व्यक्ति का जो जिसने पहले स्वीकार किया और फिर लापरवाह जीवन जिया उसके बाद इस वचन के द्वारा वह मसीह का भागीदार नहीं 40:18 है। या देखेंगे यीशु मसीह ने क्या कहा मत्त 24 में उसने धोखे के विषय में कहा यीशु ने मत्त 24 फिर एक बार 11वा वचन 11 से लेकर 13 प्रभु के आगमन के लिए तैयार होना यह हमारा 40:37 विषय है। बहुत से झूठे भविष्यवक्ता उठ खड़े होंगे एक या दो नहीं झूठे भविष्य वक्ता और बहुतों को भरमाएंगे या फसाएंगे धोखा देंगे एक या दो नहीं बहुतों को और अधर्म के बढ़ने से क्योंकि पाप बढ़ जाता है और आज संसार में देखिए 40:56 पाप बहुत ज्यादा बढ़ चुका है बहुतों का प्रेम मतलब कई विश्वासियों का प्रेम ठंडा पड़ जाएगा वो अविश्वासियों की बात नहीं कर रहे अविश्वासी के पास कभी परमेश्वर के लिए प्रभु के लिए कोई प्रेम नहीं था। किसका प्रेम ठंडा हो सकता है? कोई वस्तु तभी ठंड 41:13 हो सकती है अगर वह गर्म थी या सर गर्म थी किसी समय जो एक समय बहुत गर्म था वही ठंडा हो सकता है। एक अविश्वासी हमेशा ठंडा होता है। बर्फ के जैसा ठंडा वो उनकी बात नहीं कर रहा। वो उनकी बात कर रहा है जो एक समय प्रभु को स्वीकार किया था। बिल्कुल अग्नि 41:29 में वह जल रहा था और फिर वह ठंडा हो गया। वह मसीहों की विश्वासियों की बात कर रहा है। और वह कहता है बहुतों का प्रेम ठंडा पड़ जाएगा। और अगर आप सुनते हो अगर आपने सुना एक ऐसी रिपोर्ट को कि कई लोग आपके नगर में आप 41:48 जहां रहते हो शहर में उनको यह कोविड हो रहा है क्या आप सतर्क रहोगे? अगर खबर यह थी कि एक या दो लोगों को मिलती है तो आप नजरअंदाज कर सकते हो। पर अगर खबर यह है कि 90% इस शहर में उनको कोविड हो सकता है तो आप सतर्क होंगे या नहीं होंगे। 42:04 वही मैं आपको पूछना चाहता हूं कि जब यीशु कहता है बहुतों का प्रेम ठंडा पड़ जाएगा। उनका प्रेम एक समय गर्म था। दूसरे शब्दों में मैं इसको अपने शब्दों में कहना चाहता हूं। कई विश्वासी पीछे फिसल जाएंगे। बैक स्लाइडर्स बन जाएंगे। 42:21 अगर मैं परमेश्वर के वचन को पढ़ते हैं कि कई लोग बैक स्लाइडर बनेंगे तो मुझे बहुत सर्क रहना है। मैं बैक स्लाइडर नहीं बनना चाहता। पीछे नहीं फिसलना चाहता। पर एक जो अन 13 वचन अंत तक धीरज धरे रहेगा उसी का उद्धार होगा। उसका अर्थ क्या है? इस अगर 42:39 संदर्भ में देखा जाए तो ऐसा व्यक्ति जो प्रेम में धीरज धरे रहता है। अंत तक उसका प्रेम ठंडा होगा। वो यह नहीं कहता कि उनके काम कम हो जाएंगे। उनकी एक्टिविटी कम होगी। कई लोग बहुत एक्टिव है। प्रचार करते हैं, कलीसिया जाते हैं। मसीह काम करते 42:56 हैं, पैसा देते हैं। पर उनके पास परमेश्वर के लिए एक प्रेम नहीं है। यीशु मसीह के लिए यीशु मसीह के लिए प्रेम बहुत ज्यादा जरूरी है। कोई भी काम से भी अधिक जॉब उसके लिए करो। कैसे हम प्रभु के आगमन के लिए तैयार हो सकते हैं। बहुत सारे कामों से नहीं। ऐसा 43:14 काम जो एक उत्सुक प्रेम से आती है। मैं प्रभु की सेवा कर रहा हूं। 55 वर्षों से और मैं खुश हूं कि मैं प्रभु की और 55 वर्ष भी सेवा कर सकूं। अगर प्रभु मुझे जीवन दे तो मैं कभी नहीं थकूंगा। मैं बहुत खुश हूं। खुश हूं। आनंदित हूं। कुछ भी 43:30 त्यागने के लिए प्रभु की सेवा के लिए। मैं कभी थकूंगा नहीं। कभी नहीं। मैं आज नहीं थका हुआ। मैं रात भर तक बैठने के लिए तैयार हूं। कितने भी दिन तक मैं कभी थकता नहीं परमेश्वर की सेवा करके। पर मेरी सेवा जो है उसके प्रेम के की के 43:46 वजह से आती है। पैसे के लिए मैं यह सब नहीं करता। मैं पैसा लेता नहीं मेरी सेवा के लिए। मैं किताबों जो मैं लिखता हूं उसके लिए पैसा नहीं लेता। मैं प्रभु के लिए यह प्रेम है। और जब आप ऐसा कुछ करते हो प्रेम के लिए प्रभु के प्रेम के लिए 44:00 फिर उसका कोई मूल्य होता है। प्रेम ठंडा हो जाएगा। कई विवाहों में होता है। कई शादियों में होता है। आप एक नए विवाहित जोड़े को देखते हो। बहुत उत्साही प्रेम है एक दूसरों के लिए। और वह दरवाजे पर रुकती है। जब उसका पति 44:18 वापस आएगा काम से वह दरवाजा खोलती है और एक दूसरे के प्रति प्रेम अपना वह व्यक्त करता है और उसने खाना बनाकर रखा है। पर उसी जोड़े को आप देखें 10 सालों के बाद पति आता है काम से लौट कर और वह दरवाजे पर 44:36 है ही नहीं अभी। उसको खुद दरवाजा खोलना पड़ता है और वह कहती है मुझे भूख लग गई मैंने खा लिया। अगर आप खाना चाहते हो तो टेबल पर खाना पड़ा है। जाकर खा लीजिए। ऐसा नहीं था जब उनकी पहले शादी हुई थी। प्रेम ठंडा हो गया है। वो फिर भी खाना उसने बनाया वो तो जरूर 44:55 पर वो रुकी नहीं उसके लिए इस बार प्रेम ठंडा हो गया है। ऐसे कई शादियों में हुआ है। और कई लोगों का प्रभु के साथ संबंध में भी ऐसा हुआ है। मैं सबसे पूछना चाहता हूं। मेरे प्रिय भाई और बहनों मेरा सच्चा विश्वास है। आप में से कईयों का एक नया 45:10 जन्म का अनुभव है। नहीं तो आप आज यहां बैठकर मुझे नहीं सुनते। आप कुछ और करते आज। मेरा विश्वास है आप में से कई लोग आपका नया जन्म पाने का अनुभव था। मेरा प्रश्न यह है। क्या आप प्रभु से आज प्रेम करते हो जब से आपने तब किया था? 45:26 क्या आप सोच सकते हो जो त्याग आप करने के लिए तैयार थे उस समय जब आज आपको वह त्याग करना बड़ा मुश्किल जाता है क्या आप सोच सकते हो कितनी तीव्रता से आप बाइबल को अध्ययन करते थे परमेश्वर के मन को जानने के लिए प्रचार करने के लिए नहीं सरमन 45:40 तैयार करने के लिए नहीं परमेश्वर के मन को जानना आपके लिए शुरुआती दिनों में आप कैसे बाइबल पढ़ते थे आज कैसा है आप इंटरनेट पर ज्यादा जाते हो बाइबल से भी अधिक आज अपने आप से प्रश्न पूछिए क्या आप इंटरनेट पर ज्यादा ज्यादा समय बिताते हो बाइबल से 45:56 भी कौन सा ज्यादा आकर्षित है आकर्षित है आपके लिए यीशु मसीह या कुछ सांसारिक बात या सांसारिक व्यक्ति अपने को मूर्ख ना बनाए कि आप यीशु मसीह से प्रेम करते हो जैसे पहले दिनों में था आपका प्रेम ठंडा हो चुका है और प्रभु आपको उठाना चाहता है 46:11 आज उसने आपको इस मीटिंग में इस वजह से होने दिया ताकि वह आपको जागृत कर सके इस उसके आगमन के लिए तैयार कर सके जो प्रेम में धीरज तक धरे रहे अंत तक रहे एक साथ पढ़िए मती मति 25 12 13 बहुतों का प्रेम ठंडा हो जाएगा। परंतु जो अंत तक जिसका 46:29 प्रेम टिका रहेगा उसका उद्धार होगा। हम एक ऐसे व्यस्त संसार में जीते हैं। हम में से बहुत लोग बहुत छोटे जगह में रहते हैं। हमारे पास समय नहीं है यीशु मसीह के जैसे कि हम जंगल में जाकर प्रार्थना करें। यीशु मसीह कई बार जंगल में जाकर प्रार्थना करता 46:46 था ताकि कोई उसको तक डिस्टर्ब ना करें। हम शहर में जीते हैं। कोई जंगल नहीं है पास। शायद 10,000 मील दूर है। हम कहां जाकर प्रार्थना कर सकते हैं? जीवन इतना व्यस्त है। सारे रस्ते मर गए व्यस्त है। घर में व्यस्त है। मैं आपको बताता हूं कहां। मैं 47:02 भी बहुत छोटे घर में जीता था। मेरा जंगल कहां है मैं बताता हूं। सुबह-सुबह भोर को जब मेरी पत्नी सोई हुई है और मेरी नींद खुल जाती है। मैं बिस्तर से नहीं निकलता। मैं कहता हूं मैं प्रभु के साथ समय बिताता 47:19 हूं। वह मेरा जंगल का समय है। पूरा संसार सोया हुआ है। मेरे आसपास कोई डिस्टरबेंस नहीं है। और मैं परमेश्वर से बात कर रहा हूं। मेरा फोन खोलने से पहले कि कोई मैसेज है 47:37 या नहीं। बाइबल भी खोलने से पहले एक बार आप उठ जाते हो। बहुत सारे डिस्ट्रैक्शंस हो सकते हैं। और मैंने पाया है जब आप बिस्तर में होते हो कई बार रात के बीच में जब आप बीच में कभी-कभी हमारी नींद 47:57 नहीं खुलती मेरे लिए बहुत बहुमूल्य समय है वह उस समय मैं यह नहीं सोचता कि मुझे कल क्या करना है वह सब कल तक इंतजार कर सकता है या कैसे उस व्यक्ति से मैं बर्ताव करूं जिसने मुझे कल तकलीफ दी। मुझे कोई दिलचस्पी नहीं उसमें। मैं कहना चाहता हूं प्रभु तू मुझसे 48:16 क्या कहना चाहता है? मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जिएगा बल्कि हर शब्द से जो प्रभु के परमेश्वर के मुख से निकलता है। मैं आप सबको यह कहना चाहता हूं कि इस जंगल में आए मेरे साथ हर सुबह या रात के बीच में जब पूरा संसार सोया हुआ है आपके इर्द-गिर्द परमेश्वर के साथ अकेले 48:34 हो जाए यद्यपि वो सिर्फ 5 मिनट हो क्या आप जानते हो पांच मिनट यीशु मसीह के साथ वो आपके जीवन को बदल देगा हां कई बार मैंने अद्भुत प्रकटीकरण पाए हैं परमेश्वर से पांच मिनट में मैं आपको बताना चाहता हूं कुछ दिनों पहले 48:55 जो मैंने पाया मैं पढ़ रहा था मरकुस के सुसमाचार में उस दिन का मेरा वह वचन था मरकुस रचित सुसमाचार और मरकुस उसके 10वें अध्याय में मैं पढ़ 49:15 रहा था यह जो प्रभु ने कुछ दिनों पहले मुझसे बात की याकूब और योना 35 वचन जबदी के दो पुत्र यीशु मसीह के पास आते हैं और यीशु कहता है उस उन्होंने यीशु से पूछा हे गुरु हम चाहते हैं कि तुम हमसे 49:33 हमारे लिए कुछ करें दूसरे जगह ले आए उनके माता ने भी वही बात कही हम चाहते हैं कि आप हमारे लिए कुछ करो और यीशु मसीह ने कहा तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिए करूं यह प्रश्न है 36 वचन जो प्रश्न प्रभु आपसे पूछता है ऐसा यह वचन मुझे उसमें दे 49:51 तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिए करूं अद्भुत प्रश्न है अगर यीशु मसीह आपसे यह पूछे तो आप क्या चाहते हो कि मैं आपके लिए करूं और उन्होंने कहा प्रभु जब तू महिमा में आए तो तेरे दाहिने और दूसरे और हम बैठे इस संसार पर हम आदर नहीं 50:08 चाहते पर स्वर्ग में हम आदर प्राप्त करना चाहते हमें पहला और दूसरा स्थान मिले और यीशु मसीह ने कहा माफ करो मैं आपको नहीं दे सकता क्योंकि यह मेरे पिता ने आरक्षित किया है जो चाहे उसको देगा अभी आपको जो करना है क्रूस को उठाना है और मरना है। उस 50:25 कटोरे से पीना है जो मुझे पीना है जो बपतिस्मा से मैं लेना हूं उसे तुम्हें भी लेना है। वो कहते हैं हां हां हम वो करेंगे। वो बिना समझे यह कह रहे थे बिना सोचे समझे। पर यीशु मसीह बहुत कृपा से उनसे पेश आए। पर प्रश्न ये था तुम क्या 50:38 चाहते हो मुझसे करना चाहते हो? मैं आदर का स्थान चाहता हूं। यहां इस पृथ्वी पर नहीं पर स्वर्ग में। क्या आप जानते हो आदर का स्थान खोजना स्वर्ग में भी वह गलत है। क्या आप स्वर्ग में सेवक होने के लिए तैयार हो? क्या अभी आप सेवक होना चाहते हो 50:50 और स्वर्ग में राजा होना चाहते हो? मैं सेवक पृथ्वी पर भी होना चाहता हूं और स्वर्ग में भी दास होना चाहता हूं। मैं चाहता काश आपका भी इच्छा हो कि आप अपने स्वभाव को बदल जाओगे। अगर आपका स्वभाव सेवक हो तो आप अनंत काल के लिए सेवक 51:04 बनोगे। पर अगर आप सिर्फ नाटक कर रहे हो कुछ समय के लिए फिर आप पाखंडी हो, कपटी हो। अभी ठीक है। प्रश्न क्या था? तुम क्या चाहते हो? मैं तुम्हारे लिए क्या करूं? यहां एक और प्रश्न है जहां परमेश्वर उसे वही प्रश्न पूछता है। वही अध्याय 51:19 यीशु मसीह बरमई के पास आता है अंधे बर्तमाई के पास और वह कहता है तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिए करूं वो यह नहीं कहता कि प्रभु मुझे एक स्थान दे महिमा में तेरे दाहिने और बाई ओर वो कहता है नहीं प्रभु मुझे सिर्फ मेरी आंखें 51:36 दे दे ताकि मैं देख पाऊं तुझे और प्रभु ने मुझसे बात की और वह चाहता है तुम मुझ क्या चाहते हो कि मैं करूं तेरे तुम्हारे लिए प्रभु मैं कोई आदर का स्थान नहीं चाहता इस पृथ्वी पर। मैं कोई महान प्रचारक नहीं होना चाहता। मैं बहुत आदर प्राप्त किया हुआ नहीं 51:55 चाहता। मैं पैसा नहीं चाहता। मैं तुझे देखना चाहता हूं। मुझे आंखें दे, दृष्टि दे कि मैं तुझे स्पष्टता से देख पाऊं। और इस संसार की बात एकदम धुंधली होती जाती है। धुंधली पड़ती है। तेरे महिमा के प्रकाश में और तेरे अनुग्रह में। मैं आपको 52:11 बताना चाहता हूं मेरे प्रिय भाइयों और बहनों हम में से कई हमारे मसीह की जो दृष्टि है वह बहुत धुंधली है आज और हम उसको स्पष्टता से नहीं देख पाते अंधे बरते मई से एक पाठ सीखिए प्रभु मुझे दृष्टि दे 52:28 मैं आदर नहीं चाहता इस संसार में इस पृथ्वी पर या अनंत काल में मैं यह नहीं चाहता कि मैं जाना जाऊं कि मैं कोई एल्डर हूं बड़ा प्रचारक हूं मैं दृष्टि चाहता हूं प्रभु मैं तुझे स्पष्टता से देखना चाहता हूं ज्यादा और अधिक और अधिक और जब मैं अनंत 52:43 काल में आ जाऊं मैं पूरे अनंत काल बिताऊंगा सिर्फ तुझे देखने में और स्पष्टता से और तेरे प्रेम के विषय में जाऊं तेरे प्रेम का मैं समभागी बन जाऊं मैं आपको यह बताना चाहता हूं भाइयों अगर आप प्रभु के आगमन के लिए तैयार होना चाहते 52:57 हो वो प्रार्थना कीजिए हर दिन उसकी प्रार्थना कीजिए आप ठीक रहोगे सही रहोगे यीशु मसीह ने कहा अंतिम दिन वो नूह के दिन के समान होंगे मैं एक और बात कुछ और बातें 53:11 कहना चाहता हूं। मति 24 और उसका 30 वचन 37 वचन मत्त 24 उसका 37 वचन जैसे नूह के दिन थे वैसा ही मनुष्य के पुत्र का जाना भी होगा। आना भी होगा। फिर एक बार निकालिए। नूह के दिन कैसे थे? उत्पत्ति 53:30 उसका छठा अध्याय इसको पढ़ना अच्छा है क्योंकि यीशु मसीह ने कहा अंतिम दिन बिल्कुल ऐसे होने वाले हैं। कैसे हम प्रभु के आगमन के लिए तैयार हो सकते हैं। नूह के दिनों में पहली बात जो लिखी गई है 53:45 दूसरा वचन उत्पत्ति 6 दो नूह के दिन परमेश्वर के पुत्र यह स्वर्ग दूतों के विषय में लिखा है। जो लोगों को जिन परमेश्वर की सृष्टि जो वो हाथ से बनाता है वो परमेश्वर के पुत्र कहलाते हैं। आदम परमेश्वर के पुत्र हैं। हम परमेश्वर के पुत्र होते हैं जब हम नया 54:03 जन्म पाते हैं। पर जो नया जन्म नहीं पाए हैं जिनको परमेश्वर ने नहीं बनाया और उनके माता-पिता से पैदा हुए वो परमेश्वर के पुत्र नहीं है। बाइबल में हम पढ़ते हैं आयु में स्वर्ग दूतों को परमेश्वर के पुत्र कहा गया है। उत्पत्ति छह दो स्वर्ग 54:16 दूत परमेश्वर के पुत्र हैं। उन्होंने मनुष्य के पुत्रियों को देखा। अब यीशु मसीह ने स्पष्टता से कहा कि स्वर्ग दूत विवाह नहीं कर सकते। उनके पास यौन वो फंक्शन नहीं है। पर यह अद्भुत है कि वह सुंदर स्त्रियों को देखते थे और उनके लिए लालसा रखते थे। 54:32 कुदृष्टि डालते थे। बिना उनके उनके पास तो कोई यौन का वो फंक्शन भी नहीं था। और ऐसा लिखा है उन्होंने अपने लिए पत्नियां ली। वो कैसे विवाह उन्होंने किया? मैंने उस पर मनन किया है। 54:48 इकलौता मार्ग एक स्वर्गदूत एक सुंदर स्त्री को पा सकता था जिसके लिए उसने लालसा की है। वो एक पुरुष के अंदर घुस जाए। हम जानते हैं कैसे स्वर्ग दूत किसी वह दुष्ट आत्माएं होकर मनुष्यों के अंदर आते 55:04 हैं और उस मनुष्य के द्वारा जब वो मनुष्य यौन संबंध रखता है इस स्वर्ग दूत भी उस यौन संबंध का आनंद उठाता है खुद तो नहीं डायरेक्टली नहीं क्योंकि वो खुद नहीं कर पाता और मेरे लिए यह एक चित्र है पोर्नोग्राफी का अश्लील चित्रों का 55:21 उत्पत्ति छेद दो वो पोर्नोग्राफी अश्लील चित्रों का एक चित्र है पोर्नोग्राफी में अश्लील चित्रों में मनुष्य खुद तो कोई यौन संबंध नहीं कर रहा। पर वह देख रहा है कि कोई और यौन संबंध रख रहा है और उसको उससे कुछ सुख विलास मिल रहा है। तृप्त तृप्ति 55:37 मिल रही है। यही इस बात इन स्वर्ग दूतों ने महसूस की। यह अंतिम दिनों का एक चिन्ह है। गुण है। उनके पास खुद क्षमता नहीं थी कि वह खुद आनंद उठाए। उस बात का वो एक पुरुष के अंदर घुसे और जब वो यौन करता था किसी व्यक्ति के साथ इस स्वर्गदूत को थोड़ा आनंद मिलता 55:54 था उससे। बिल्कुल आज जो लोग अश्लील बातें देखते हैं पोर्नोग्राफी देखते हैं और अंतिम दिन यह अंतिम दिनों का गुण होगा वो नूह के दिनों समान होंगे पर इन अभक्ति ही अभक्ति के पीढ़ी में नूह नाम का व्यक्ति है उत्पत्ति 6 आठ जिसने परमेश्वर के आंखों 56:14 में कृपा पाई और मेरी प्रार्थना मेरे भाइयों और बहनों आपके विषय में सच हो इन दिनों में पोर्नोग्राफी और दुष्टता के विषय में दूसरी बात जो है अंतिम दिनों का गुण उत्पत्ति 65 दुष्टता वह एक दूसरे का हत्या कर रहे थे। एक दूसरे को तकलीफ 56:27 पहुंचा रहे थे। खून करना, आतंकवाद इन सारी बातों के बीच में अगर आपके विषय में कहा जाए कि आपने परमेश्वर की दृष्टि में अनुग्रह प्राप्त किया। क्या एक अद्भुत बात होगी? क्या आप जानते हो इसका अर्थ क्या है? मैं आपको बताता हूं। 56:46 एक प्रार्थना जो मैंने की अपने आप के लिए कई बार मैंने कहा प्रभु यीशु मेरे स्वर्गीय पिता मैं परमेश्वर से बात करता हूं। वह मेरा पिता है। मैं उसको डैड पिता पापा कहता हूं। मेरे व्यक्तिगत प्रार्थना में मैंने 57:06 कहा पापा जब यीशु मसीह ने बपतिस्मा लिया। आपने कहा यह मेरा प्रिय पुत्र है। जिसमें मैं अति प्रसन्न हूं। क्या आप मेरे विषय में ऐसा कह सकते हो? कई बार मैं आंखों में आंसू होते हैं जब 57:25 मैं प्रार्थना करता हूं। पापा क्या आप मेरे विषय में यह कह सकते हो यह मेरा प्रिय पुत्र है जिसमें मैं अति प्रसन्न हूं। वो मैं चाहता हूं किसी भी और बात से ज्यादा मैं पैसा नहीं चाहता। आदर नहीं चाहता। मैं नहीं चाहता लोग मेरा आदर करें। 57:43 मैं नहीं चाहता मसीह मेरा आदर करें। मैं सेवकाई भी नहीं चाहता। मैं चाहता हूं तुझे प्रसन्न करना हो। हर दिन हर क्षण मेरे जीवन का मैं चाहता हूं कि तू मेरे पास देखकर कहे यह मेरा प्रिय पुत्र है जिससे मैं अति प्रसन्न हूं। मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है इस संसार 58:02 में प्रसिद्ध होने के लिए या मसीहों में प्रसिद्ध होने के लिए या चमत्कार करने के लिए या बड़ा प्रचारक बनने के लिए या कुछ भी बातें जो कई मसीह लोग लालसा रखते हैं जिसके बारे में मैं यीशु मसीह को यह कहता है सुनना चाहता हूं। मेरा पिता मेरे विषय 58:16 में यह कहे यह मेरा प्रिय पुत्र है जिसमें मैं अत्यंत प्रसन्न हूं और वही नूह था उसको अनुग्रह पाया परमेश्वर की दृष्टि में कृपा दृष्टि पाई मेरे प्रिय भाइयों और बहनों मैं आपसे पूछना चाहता हूं क्या आप बुद्धिमान कुंवारी हो या मूर्ख कुंवारी हो 58:33 वो जो समझदार कुंवारी है वह बहुत ज्यादा सतर्क है परमेश्वर को प्रसन्न करने में वह दूसरों को प्रसन्न नहीं करना चाहती मेरा पिता मुझे मेरे जीवन से खुश होना चाहिए और अगर पूरा संसार मुझे गलत समझे कोई बात नहीं। कई लोग मुझे गलत समझते क्योंकि वह 58:51 मेरे इरादे या मकसद नहीं जानते। मैं क्यों चीजों को करता हूं? मैं बाइबल में पढ़ता हूं। मेरी एक अगवा है। एक एल्डर होने की एक जिम्मेदारी है। कई कलीसियाओं पे कई भाइयों पे जो दूसरे कलीसियाओं में अगवाए हैं। और मुझे परमेश्वर के जैसा होना पड़ता है 59:08 उनके लिए। मतलब कठोर और दयालु। बाइबल बताती है रोमियो 11 22 में कि परमेश्वर कठोर भी है और भला भी है और मुझे भला भी होना है और कठोर भी होना है उन लोगों के जिनके लिए मेरी जिम्मेदारी है 59:27 जब मैं दयालु हूं अच्छा हूं तो सब मेरी सराहना करेंगे कितना अच्छा भाई है जैक भाई पर जब मुझे कठोर होना होता है उनके साथ तो शायद वह मेरी सराहना ना करें तो क्या मेरी जिम्मेदारी है एक अगवा होने के नाते एल्डर होने के नाते कि मैं परमेश्वर के 59:43 जैसा रहूं। कठोर और अच्छा भला अनुग्रह भी देखा सच्चाई भी जो योहना एक 14 परमेश्वर की महिमा यीशु में देखी गई। अनुग्रह और सच्चाई से भरपूर सिर्फ अनुग्रह से भरपूर नहीं जो लोग सिर्फ अनुग्रह होना चाहते दूसरों के प्रति और सत्य के लिए नहीं खड़े होते 1:00:02 वो अपना आपका आदर खोज रहे हैं। अगर आप परमेश्वर के आदर को खोजो फिर आप अनुग्रहकारी भी बनोगे और सत्य के लिए भी खड़े होगे। यद्यपि उस सत्य की वजह से लोग आपको नहीं पाए जानेमाने नहीं हो जाओ और लोग बुरा मान जाए आपको कोई फर्क नहीं 1:00:16 पड़ेगा ऐसे व्यक्ति बनो परमेश्वर की महिमा आप में दिखने दे सच्चाई और अनुग्रह से परिपूर्ण और उनके बीच में वह संतुलन को प्राप्त करें कृपा और कढ़ाई भलाई और कठोरता में आपके बच्चों के साथ घर में अगर आप एल्डर हो कलीसिया में तो आपके कलीसिया 1:00:32 के लोगों जैसे कभी भी लोगों के सामने प्रसिद्ध होने की कोशिश ना करें हमेशा अच्छा बनकर यह एक झूठा परमेश्वर है जो कठोर ही नहीं है याद रखिए यीशु मसीह उन्हीं हाथों से मैं कभी यह भूलता नहीं उन्हीं हाथों ने जिन्होंने जिससे उसने 1:00:47 लोगों के पैर धोए उसी हाथ से उसने एक चाबुक एक कोड़ा लिया और लोगों को भगाया जो पैसा मना रहे थे परमेश्वर के नाम से उस परमेश्वर के भवन में और मैं कहता हूं प्रभु मुझे वैसा बनाओ कि मैं तैयार रहूं मेरे जीवन के अंत तक कि मैं जो सबसे छोटा 1:01:02 विश्वासी है उसके पैर धोऊं और उसी के साथ कोड़ा उस चाबुक को उठाऊं और किसी को भी भगा निकालूं जो पैसा कमाना चाहता है परमेश्वर के नाम से मसीह के नाम से दोनों उतने ही जरूरी है मेरे लिए और मैं एक नहीं करूंगा दूसरे से कम या दूसरे से 1:01:19 ज्यादा परमेश्वर के एक पुरुष बने ऐसे परमेश्वर की एक स्त्री बने बिल्कुल सीधा ही खड़े खड़े आपके बच्चों के प्रति जो आपको दिए गए समर्पित है क्या आप जानते हो एक बहन उतनी ही परमेश्वर की सेवक हो सकती है आपका कलीसिया आपके बच्चे उनको परमेश्वर के भय 1:01:36 में बड़ा करें जहां दो या तीन इकट्ठा होते वहां मैं उनके बीच में हूं दो या तीन बच्चे यीशु मसीह वहां है एक बच्चा कोई कोई फर्क नहीं दो लोग मसीह वहां है आप और वो एक बच्चा वो आपकी कलीसिया है उस कलीसिया को बांधे एक बिल्कुल मजबूत 1:01:52 अनुग्रह और सच्चाई के साथ नूह एक और बात नूह के विषय में यीशु मसीह ने हमें कहा अंतिम दिन नूह के दिनों जैसा होगा और हमें नूह के जैसा बनना है इब्रानियों 11 में कहा लिखा है। ऐसे कई बातें हैं जो मैं कहूंगा पर मैं 1:02:11 इससे आगे नहीं कहूंगा। इब्रानियो 11 नूह के विषय में कुछ लिखा है। इब्रानियो 11 सात विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई ना पड़ती थी। चेतावनी पाकर हमें भी चेतावनी मिली है। परमेश्वर से बाइबल में ऐसी बातें 1:02:29 जो आने वाली है जब मसीह का आगमन होगा। भक्ति पाकर भक्ति के साथ आदर के साथ यह बहुत जरूरी है कि हमारे पास परमेश्वर का आदर हो। इंग्लिश में आदर लिखा है। मैं पाता हूं कि कई मसीहों के पास एक आदर की कमी है। वो लोगों को जोक करके तकलीफ देते 1:02:46 हैं। वह गंदे जोक कहते हैं। गंदे जोक पर हंसते हैं और उनके कलीसिया में आदर नहीं है। वो बातचीत करने में बहुत हल्के होते हैं। जैसे वह बर्ताव करते हैं और जैसे वह गाने गाते हैं। एक हल्कापन है। कोई आदर नहीं है 1:03:04 प्रभु के लिए। आदर में उसने अपने घराने के साथ वह जहाज को बनाया। आदर हिंदी में भक्ति लिखा है। आदर यह मसीहत का बहुत जरूरी गुण है। परमेश्वर का भय उसने उस जहाज को बनाया। मतलब हमारा कलीसिया बनाने का एक चित्र है। अपने परिवार के उद्धार के 1:03:20 लिए। अपने परिवार के हर एक व्यक्ति को उसने जहाज में लाया। क्या आपने वो किया है आपके बच्चों के साथ? क्या आपने अपने हर एक बच्चे को कलीसिया में लाया है? यह एक्सक्यूज ना दे। यह कारण मत दो। बच्चे अलग होते हैं। बच्चे अलग नहीं होते। एक 1:03:39 बच्चे को ऐसे बड़ा करो जैसे उसको जाना चाहिए। प्रशिक्षित कीजिए। नीति वचन 226 और जब वो बूढ़ा हो जाएगा वो उससे अलग नहीं होगा। दो बातें हैं उस वचन में। एक शर्त है और एक वायदा है। शर्त यह है जो आपको करना है। वायदा यह है जो परमेश्वर करेगा। और एक ऐसी 1:03:58 एक्सक्यूज कारण ना दे अगर आपके बच्चे भटक जाए तो। नीति वचन 226 लड़के आपको यह करना है। लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दें जिसमें उसको चलना चाहिए। यह आपका काम है। पिता माता यह परमेश्वर का वायदा है। और वो बुढ़ापे में जब वो बूढ़ा हो जाएगा वो उससे 1:04:17 ना हटेगा। उस मार्ग से नहीं हटेगा। इससे ज्यादा आप क्या चाहते हो? एक शर्त एक वायदा। अगर आपकी देश की सरकार आपको कहती इस कठिन आर्थिक समय में अगर आप आकर इस एप्लीकेशन को भरे इस अर्जे को भर के मुझे हमें दें 1:04:36 हम आपको $00 हर महीने देंगे। क्या आप जाते थे? आप भाग-भाग कर जाते थे। शर्त यह है इस एप्लीकेशन को भरना है। अर्जी को भर कर देना है। अगर वह कठिन भी होता शायद 25 पन्ने हैं उस एप्लीकेशन में 1:04:54 आप उसको भरोगे क्योंकि आपको $00 मिलने वाले हैं हर महीने। यहां शर्त है एक लड़के को ऐसे प्रशिक्षण ऐसी शिक्षा दो उस मार्ग में जाने के। आपको $00 से ज्यादा मिलेगा। ऐसे बच्चे जो परमेश्वर की सेवा पीछे रहेंगे और परमेश्वर उनकी पीढ़ी में परमेश्वर के लिए गवाही 1:05:11 बनेंगे। पर आपको कठोर होना है, स्ट्रिक्ट होना है। मेरे चार बेटे थे। मैं उनके साथ बहुत स्ट्रिक्ट था और उसके साथ कृपा भी था, अनुग्रहकारी भी था और मैंने प्रभु पर भरोसा किया कि अगर मैं अपना काम करूंगा तो वो अपना काम करेगा। मैं उनको सही मार्ग में नहीं चला 1:05:29 सकता। परमेश्वर कर सकता है। पर मेरी जिम्मेदारी यह है। मेरा भाग्य यह है कि उनको सही मार्ग में चलाना, प्रशिक्षित करना और नूह ने यह किया। इब्रानियों 11 में लिखा है उसके परिवार के उद्धार के लिए अपने घराने के बचाव के लिए अंतिम दिन नूह 1:05:43 के दिन जैसे होंगे पोनोग्राफी अश्लील बातें दुष्टता मारा वायलेंस पर उसी के साथ कुछ लोग होंगे नूह के समान बिल्कुल सीधे खरे धर्मी जिन्होंने अपने परिवार को सही रीति से चलाया है और उस काम के जैसा 1:06:01 इब्रानियो 117 उसने संसार को दोषी ठहराया वो कैसे जीता था जैसे उसने अपने बच्चों को बड़ा किया वो एक गवाही थी इस संसार को मैं आपके साथ स सहमत नहीं हूं आप जिस मार्ग से जा रहे हो संसार के साथ कैसे हम प्रभु के आगमन के लिए तैयार रहे नूह के जैसे एक मनुष्य बने 1:06:19 मैं जानता हूं उसकी पत्नी भी उसके साथ कोऑपरेट करती थी मिसेज नोवा जैसे एक स्त्री बने उसके सहयोग के बिना बहुत कठिन होता है उसके परिवार को लाना वैसे मिस्टर और मिसेज नोवा बहुत अच्छे उदाहरण हमारे लिए अंतिम दिनों में और आप देखते हो कैसे 1:06:37 उन्होंने आज्ञा मानी 120 साल आप उत्पत्ति छ में पढ़ते हो 120 साल लग गए वह जहाज बांधने में किसने उनकी सहायता की उसके तीन बेटों ने अगर आप कलीसिया को बांध रहे हो क्या आपके बेटे सहायता कर रहे हैं आपकी कलीसिया बांधने में बहुत जरूरी है अपने बेटे 1:06:54 बेटियों को तैयार कीजिए कि आपको सहायता करें नूह जैसे उसके तीन बेटे और तीन बेटियां थी बहुएं थी और बहू ने भी उसकी मदद की कलीसिया बांधने में उस जहाज को बांधने में अगर आपके पास बेटे हैं और बहुएं हैं, वह सब कलीसिया बांधने वाले होने चाहिए आपके 1:07:11 साथ। वह है प्रभु के आगमन के लिए तैयार होना। उस पर ध्यान दीजिए। यह मत कहिए मैं कलीसिया में जाता हूं। गाने गाता हूं, थोड़ा पैसा देता हूं ऑफरिंग में। प्रभु के आगमन के लिए हम ऐसे तैयार नहीं हो सकते। अपने परिवार को तैयार किए कि वह एक गवाही 1:07:25 बने प्रभु के लिए मसीह के लिए अंतिम दिनों में और अगर वह भटक जाए उनका दोष मत देना। अपने आप को दोष लगाना। कैसे परमेश्वर की वायदा झूठा होगा अगर वह बुढ़ापे में नहीं जाएगा नहीं वह असंभव है 1:07:42 आप असफल हुए हो आपने सही तरीके से उनको बड़ा नहीं किया क्या आपके पास आशा है हां अगर आप अपने पाप का अंगीकार करो किसी और पर दोष मत लगाओ अपने पत्नी पर दोष मत लगाओ वो विश्वास योग्य नहीं थी उसकी गलती नहीं थी आप इकलौते तरीके से अपने बच्चों को 1:07:56 परमेश्वर के भय में बड़ा कर सकते हो अगर मिसेज नोवा भी सहयोग ना दे नूह अपने बच्चों को सही परमेश्वर के भय में लाए क्योंकि क्योंकि वो खुद परमेश्वर का भय रखता था। एक मनुष्य परमेश्वर के साथ वो एक मेजॉरिटी है। क्या आपने वो सुना है? 1:08:10 परमेश्वर के साथ एक व्यक्ति वो हमेशा मेजॉरिटी है। कितने भी लोग दूसरे और क्यों ना हो और इसलिए हम पढ़ते हैं उसके और उस काम से मत्त 11 सात उसने संसार को दोषी ठहराया। मैं कैसे दिखाता हूं कि मैं संसार का नहीं हूं। 1:08:30 ऐसा जीवन जी के जो उनसे अलग है और अपने बच्चों को वैसे बड़ा करके कि उनसे अलग वह बड़े हो जाए। अंतिम दिन नूह के दिनों जैसे होंगे। दुष्टता, पोर्नोग्राफी, दुष्टता और आतंकवाद इन सबके बीच में नूह के जैसे लोग होंगे। परिवार जैसे नूह का परिवार था और 1:08:48 मेरी प्रार्थना है मेरे प्रिय भाइयों और बहनों मेरे पूरे हृदय से मैं प्रार्थना करता हूं कि आप में से हर एक कोई जो यहां है वो तैयार हो उस प्रकार हमारे पूरा उद्देश्य यह ग्लोबल ज़ूम मीटिंग्स का यही है कि हम वचन का फैलाएं कि आप भी इस संदेश 1:09:04 को कई और लोगों तक पहुंचाएं कि वह प्रभु के मसीह के आगमन के लिए तैयार रहे और पाखंड से बचे पाखंड से दूर रहे एक अंतिम बात मैं बताना चाहता हूं जो जो मैं हमेशा अपने संदेशों में बताता हूं जो यीशु मसीह ने कहा मत्त छ उसका 13 से लेकर 1:09:22 15 अगर आप दूसरों को क्षमा नहीं करोगे तो आप खुद क्षमा नहीं पाओगे यह पर्याप्त नहीं है कि आप अपने पापों का अंगीकार करो और फिर आप पापों की क्षमा पाओगे नहीं पहला यहना एक 9 अगर हम अपने पापों को मान ले तो वह विश्वास योग्य और 1:09:40 धर्मी है हमें क्षमा करने के लिए और सारे अधर्म से शुद्ध करने के लिए पर अगर आप आपके पाप का मान लेते हो, अंगीकार करते हो और मत्त 6 15 आप किसी व्यक्ति को क्षमा नहीं करते संसार में कोई व्यक्ति जो उस व्यक्ति ने आपको किया या आपके पति के 1:09:58 लिए किया या अपने पति पत्नी के लिए किया या आपके बच्चों के लिए किया आप उस व्यक्ति को क्षमा नहीं करते मैं आपको यीशु मसीह के नाम से बताना चाहता हूं आप माफी नहीं पाओगे आप कितना भी पहला यूना एक नौ क्यों ना दावा कर लो यीशु मसीह का लहू ने आपको 1:10:14 शुद्ध नहीं किया है क्योंकि आप पहला योना एक नौ श्रेणी में नहीं आते आप मत्त 6 15 की श्रेणी में आते हो जहां आपने किसी को क्षमा नहीं किया आपके आपका पिता आपको क्षमा नहीं करेगा सॉरी कई लोग पहला योना एक नौ कहते हैं उनके पाप क्षमा पाने के 1:10:30 लिए मैं कहता हूं मैं भी एक एकना एक नौ कहता हूं मसीह के लहू के अलावा आप शुद्ध नहीं हो सकते पर मैं मत्त 61 15 भी कहता हूं यहां एक शर्त है अगर आप दूसरों की क्षमा ना करो आपका पिता आपको क्षमा नहीं करेगा आप कितने भी बार क्यों ना अपने 1:10:44 पापों को मान लो। बहुत-बहुत जरूरी। क्योंकि मैं जानता हूं ऐसे विश्वासी हैं जिन्होंने क्षमा नहीं किया है किसी व्यक्ति को। 20 साल पहले कुछ किया था। वो अभी भी उसको याद करते हैं। वो क्षमा नहीं करते जो उनके पत्नी ने किया। 1:11:00 पिछले साल उनके रिश्तेदारों ने कोई जायदाद से उनको फंसाकर बेदखिल किया। क्या आपने उनको क्षमा किया है? नहीं। मैं यह कहना चाहता हूं कि आप कितना भी मसीह के लहू के लिए मांगे वो आपको शुद्ध नहीं करेगा। आपकी क्षमा नहीं होगी। पर आप कहते 1:11:16 हो वो व्यक्ति अधर्मी था तो क्या आप परमेश्वर के सामने अधर्मी था और परमेश्वर ने आपको क्षमा किया। पर आप कहते हो आपने मन फिराया। जो लोग यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ा रहे थे। क्या उन्होंने मन फिराया था? यीशु मसीह ने क्षमा करने से पहले। 1:11:32 क्या वो रुक रहा था? कब यह लोग मन फिराएंगे? वो उस क्रूस पर लटका था। उन्होंने उसको मारा था। श्राप दिया था। उसको शैतान कहा था और क्रूस पर चढ़ाया था। किसी ने भी मन नहीं फिराया। उसने कहा पिता इनको क्षमा कर। वह हमारा उदाहरण है। जैसे मसीह ने क्षमा की 1:11:50 हमें भी क्षमा करनी है। उन लोगों के भी जो मन नहीं फिराते मन फिरा जरूरी है संगति के लिए। वो सही है। मति 18 14 वचन से आगे लिखा है। अगर एक भाई पाप करे तो उससे बात करें। दूसरों को लेकर जाकर बात करें। संगति ठीक होती है। संगति और क्षमा अलग-अलग बात है। आप संगति 1:12:10 नहीं कर सकते जो बातें सही नहीं करता। मैं सहमत हूं। पर क्षमा सबके लिए है। और वहां यीशु मसीह हमारा उदाहरण है क्रूस पर। उसने सबको क्षमा किया। उनको क्षमा करो। वह नहीं जानते वह क्या करते हैं। वह हमारा रवैया है। बहुत बहुत जरूरी है मेरे भाइयों। अगर 1:12:30 आप तैयार होना चाहते हो प्रभु के आगमन के लिए। इस बात को सुनिश्चित करें कि अगर प्रभु अचानक आ जाए आप ऐसे नहीं पाए जाते कि अक्षमाशील आत्मा के साथ किसी और के प्रति अगर आप वह नहीं करोगे 1:12:48 इस डर प्रभु के डर से कम से कम इस डर से करें कि मसीह आकर आपको पकड़ ले जब वह आएगा उस परिस्थिति में वह आपको पाए वो दूसरा दूसरा उत्तम है पर सबसे अच्छा वो है कि मैं प्रभु से प्रेम करता हूं। उसने मुझे इतना क्षमा किया है। इसलिए मैं सबको क्षमा 1:13:04 करना चाहता हूं। जिन्होंने मुझे चोट पहुंचाई है। मैं प्रभु के सामने यह कहता हूं। मैं परमेश्वर का सेवक हूं। 50 वर्ष से शैतान ने मुझ पर हमले किए हैं। शैतान ने मुझे बहुत समस्या दी है। अलग-अलग लोगों से। वो मुझे कोर्ट ले गए। उन्होंने मुझे 1:13:16 सब कुछ कहा। अलग-अलग बात है। पर परमेश्वर मेरा गवाह है। मैंने हर एक को क्षमा किया है। उनमें से मेरे हृदय में कोई कड़वाहट नहीं है। मैं उनके प्रति अच्छा चाहता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं परमेश्वर उन्हें उनके बच्चों को आशीष दे। मैं कोई बुराई 1:13:30 नहीं चाहता उनके लिए। उनमें से हर एक के लिए क्योंकि मेरा उद्धारकर्ता इस मार्ग पर चला पिता उनको क्षमा कर वो नहीं जानते वो क्या कर रहे हैं। इसी मार्ग से जाए मेरे भाइयों और बहनों और यद्यपि आप दूसरी बातें नहीं समझे आप तैयार रहोगे मसीह के आगमन के 1:13:44 लिए। आमीन हम प्रार्थना करेंगे। हमारे स्वर्गीय पिता हम तेरे सामने झुकते हैं। हमारे प्रिय भाई और बहन अगर एक बात मेरे प्रिय भाई और बहनों अगर एक बात है दूसरे बातों से जो प्रभु ने बात की उसमें से एक बात हो जो आज 1:14:02 आप जहां कहीं भी हो उस एक बात के विषय में सोचिए वो मुख्य बात है और प्रभु से कहिए अपने हृदय में। अभी प्रभु मैं उस बात को सही करना चाहता हूं। मैं अपने जीवन के मार्ग को इस क्षेत्र इस चीज में बदलना चाहता हूं। इसी क्षण हे 1:14:21 धन्यवाद प्रभु पिता आपको सुनेगा आपका जीवन बदल सकता है आज से प्रभु आप हमारी सहायता कीजिए हर एक को कि हम गंभीरता से लेग के आगमन के लिए हम तैयार हो यीशु मसीह के नाम से आमीन में